BHU News: "लोकतंत्र अपनाओ, अराजकता हटाओ" के नारों से गुंजा BHU, संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार के खिलाफ ABVP का प्रदर्शन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (बीएचयू) परिसर में अभाविप का विशाल प्रदर्शन; चुनाव आयोग और न्यायपालिका की गरिमा से खिलवाड़ का जताया विरोध
वाराणसी (भदैनी मिरर): अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) इकाई ने शुक्रवार को परिसर स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर “लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ” के नारे के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से अभाविप ने देश की स्वायत्त एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं, विशेषकर चुनाव आयोग और न्यायपालिका की गरिमा को धूमिल करने, उन पर अविश्वास फैलाने तथा राजनीतिक स्वार्थ के लिए हिंसा व अराजकता का सहारा लेने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की।

'स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश'
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निष्पक्ष चुनाव कराने और आवश्यक सुधार लागू करने के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। यदि किसी प्रक्रिया या SIR को लेकर किसी को आपत्ति है, तो उसके लिए संविधान और कानून में नियम बने हुए हैं। पात्र मतदाताओं को जोड़ने की पारदर्शी प्रक्रिया मौजूद है। इसके बावजूद दबाव बनाकर स्वायत्त संस्थाओं की कार्यप्रणाली को प्रभावित करना देश में लोकतंत्र को कमजोर करने का कुत्सित प्रयास है।
अभाविप नेताओं के प्रमुख बयान:
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अभय प्रताप सिंह (राष्ट्रीय मंत्री, ABVP):
"चुनावी सुधार प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार प्रश्नचिह्न उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। राजनीतिक असहमति की आड़ में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अस्थिरता व अराजकता भारत में पैदा करने की बात करना सीधे तौर पर हमारे संविधान पर प्रहार है। देश विरोधी साजिशों को भारत का जागरूक युवा कभी सफल नहीं होने देगा।"
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पल्लव सुमन (इकाई अध्यक्ष, BHU):
"पारदर्शी चुनाव सुधारों को विवादित बनाकर और निष्पक्ष संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर अराजकता का माहौल बनाना अलोकतांत्रिक मानसिकता है। देश की शांति, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कृत्य का छात्रशक्ति पूरी ताकत से प्रतिकार करेगी।"
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अनुराग तिवारी (इकाई मंत्री, BHU):
"लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जिम्मेदारी और अनुशासन से बंधा है। SIR जैसी प्रक्रियाओं पर स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए, न कि अविश्वास का माहौल बनाना चाहिए। जनता में भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता।"
युवाओं और नागरिकों से आह्वान
अभाविप ने देश के समस्त युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय विषयों पर विचार करें और अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों को समझते हुए किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने वाली गतिविधियों का खुलकर विरोध करें।


