BHU News: बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ एबीवीपी का हल्ला बोल, सेंट्रल ऑफिस पर निकला बिच्छू
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने और मुकदमों की वापसी समेत रखीं 9 सूत्री मांगें, प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
वाराणसी / डिजिटल डेस्क (भदैनी मिरर): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े दर्जनों छात्रों ने भगवा झंडे लेकर विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑफिस (केंद्रीय कार्यालय) का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने छात्रों को रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद आक्रोशित छात्र सेंट्रल ऑफिस के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।

"पूर्वांचल और बिहार के छात्रों को किया जा रहा प्रताड़ित"
धरने पर बैठे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर पक्षपातपूर्ण रवैये का गंभीर आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि गोरखपुर, बिहार और दूर-दराज के इलाकों से पढ़ाई करने आए छात्रों को निशाना बनाया जाता है। छोटी-छोटी बातों पर हॉस्टलों में रहने वाले इन छात्रों पर जांच कमेटियां गठित कर दी जाती हैं, जबकि अन्य मामलों में ढिलाई बरती जाती है।

शोध छात्र पल्लव सिंह ने कहा, "चीफ प्रॉक्टर के इशारे पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठाने वाले निर्दोष छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। छात्रों के साथ हो रही इस प्रताड़ना को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
दीवारों पर लिखे गए चीफ प्रॉक्टर विरोधी स्लोगन
आक्रोश का आलम यह रहा कि मंगलवार शाम से ही बीएचयू परिसर की दीवारों पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन से जुड़े स्लोगन (नारे) लिखे देखे गए। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
छात्रों की 9 प्रमुख मांगें:
-
चीफ प्रॉक्टर की बर्खास्तगी: चीफ प्रॉक्टर और पूरी प्रॉक्टोरियल बोर्ड टीम को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त किया जाए।
-
कार्रवाई व एफआईआर वापसी: छात्रों पर दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) और दंडात्मक कार्रवाइयों को रद्द किया जाए।
-
उत्पीड़न पर रोक: छात्रों के साथ की जाने वाली अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न पर पूरी तरह रोक लगे।
-
सभागार आवंटन की जांच: 12 सितंबर को प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) आवंटन प्रक्रिया में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
-
बाहरी तत्वों पर रोक: कैंपस में बाहरी और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
-
सीसीटीवी व स्ट्रीट लाइट: संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और अंधेरे वाले क्षेत्रों (डार्क स्पॉट्स) में स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएं।
-
पार्क और दुकानों पर निगरानी: मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा निगरानी बढ़ाई जाए और नशाखोरी पर सख्त लगाम लगे।
-
रेट लिस्ट अनिवार्य: परिसर की खाने-पीने की दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट लिस्ट और सीसीटीवी लगाए जाएं।
-
सुरक्षाकर्मियों के हित: सुरक्षाकर्मियों के वेतन और सेवा शर्तों में समानता लाते हुए उनके उत्पीड़न को रोका जाए।
