BHU Firing Case: पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित, आरोपी छात्र होंगे डिबार; दर्ज है 2 जिलाबदर समेत 5 पर नामजद FIR
बिरला ए हॉस्टल के पास फायरिंग के बाद विश्वविद्यालय सख्त; 40 अज्ञात छात्रों पर भी मुकदमा, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
वाराणसी,भदैनी मिरर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में बिरला ए हॉस्टल के पास हुई फायरिंग की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले छात्रों को डिबार किया जाएगा और उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।


रात में फायरिंग, 9:20 बजे मिली सूचना
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात छात्र और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय को रात करीब 9:20 बजे सूचना मिली, जिसके बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे।
प्रशासन आपसी रंजिश और बाहरी तत्वों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहा है।

2 जिलाबदर समेत 5 आरोपियों पर नामजद केस
फायरिंग मामले में लंका थाना में पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में पीयूष कुमार तिवारी, ऋषभ, तपस, क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय शामिल हैं।
बताया गया कि क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय पहले से जिलाबदर हैं। क्षितिज को 12 जनवरी को छह माह के लिए जिलाबदर किया गया था। इसके बावजूद परिसर में सक्रिय रहने के आरोप हैं।

दोनों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। हालिया घटना के बाद अभिषेक पर तीन और क्षितिज पर दो नई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
40 अज्ञात छात्रों पर भी FIR
फायरिंग के बाद सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और सड़क जाम कर प्रदर्शन करने के आरोप में लगभग 40 अज्ञात छात्रों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्य सुरक्षाधिकारी की तहरीर पर दर्ज मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि उग्र छात्रों ने बिरला-रुड्या चौराहे पर जाम लगाकर यातायात बाधित किया।
CCTV फुटेज से होगी पहचान
जांच समिति सिंहद्वार समेत अन्य प्रवेश द्वारों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
चीफ प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से कहा गया है कि कैंपस में शांति और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोषी छात्रों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, लंका थाना पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। मुख्य प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल, जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
