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BHU Fire Station: बीएचयू में बनेगा काशी का छठवां अत्याधुनिक फायर स्टेशन, कैंसर अस्पताल के पीछे 1 एकड़ जमीन पर लगी मुहर

BHU Fire Station: वाराणसी को मिलेगा छठवां अत्याधुनिक फायर स्टेशन, BHU कैंसर अस्पताल के पीछे मिली 1 एकड़ जमीन

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वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी (काशी) की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में जल्द ही एक नया और अत्याधुनिक फायर स्टेशन बनने जा रहा है। इसके लिए महामना की बगिया में स्थित कैंसर अस्पताल के पीछे एक एकड़ जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। इस संबंध में फायर विभाग और बीएचयू प्रशासन के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। यह वाराणसी जिले का छठवां फायर स्टेशन होगा।

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इन इलाकों की 7 लाख की आबादी को मिलेगी सुरक्षा

बीएचयू परिसर में इस नए और सक्षम फायर स्टेशन के निर्माण से न सिर्फ विश्वविद्यालय बल्कि शहर के एक बड़े हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके चालू होने के बाद करीब 5 से 7 लाख की आबादी को सीधे तौर पर त्वरित मदद मिल सकेगी।

यह फायर स्टेशन मुख्य रूप से निम्नलिखित इलाकों को कवर करेगा:

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  • लंका, अस्सी, सामनेघाट, नगवां

  • सुसुवाही, चितईपुर, सुंदरपुर

  • डाफी, अखरी और हैदराबाद गेट आदि।

इसके अलावा, बीएचयू परिसर, सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में अक्सर होने वाली शार्ट सर्किट या आग लगने की घटनाओं पर फायर ब्रिगेड की टीम बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू और आग बुझाने का काम शुरू कर सकेगी।

नरिया गेट के पास से होगा फायर टेंडर्स का प्रवेश

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चिह्नित की गई जमीन बीएचयू कैंसर अस्पताल के पीछे है। आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के त्वरित मूवमेंट के लिए नरिया और उसके पास स्थित गेट का उपयोग प्रवेश और निकास (Entry/Exit) के लिए किया जाएगा। इससे गाड़ियों को शहर के ट्रैफिक में फंसे बिना सीधे लंका या बाहरी इलाकों में जाने का रास्ता मिल जाएगा।

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जल्द भेजी जाएगी शासन को डीपीआर

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) आनंद सिंह राजपूत ने बताया: "बीएचयू प्रशासन के साथ सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद विभाग की टीम ने परिसर का विस्तृत भ्रमण कर जगह को फाइनल कर लिया है। यह स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और बेहद सक्षम होगा। जल्द ही इसके भवन निर्माण से लेकर अन्य जरूरी संसाधनों का एस्टीमेट तैयार कर इसकी डीपीआर (Detailed Project Report) शासन को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।"