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BHU Electric Bus Service: बीएचयू में ई-बस सेवा पर घमासान, छात्रों ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन; उठाई फ्री सेवा की मांग

बीएचयू परिसर में शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा का विरोध, छात्र नेता आशुतोष सिंह 'यीशु' ने कुलसचिव को घेरा; सुरक्षा मानकों को सार्वजनिक करने की मांग

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वाराणसी, भदैनी मिरर ब्यूरो: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में शुरू की गई इलेक्ट्रिक बस सेवा को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। इस नई व्यवस्था में सुरक्षा, पारदर्शिता और छात्र-हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने विरोध दर्ज कराया है। शनिवार (13 जून) को छात्र नेता आशुतोष सिंह "यीशु" के नेतृत्व में छात्रों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव (Registrar) राजन श्रीवास्तव से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

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छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) परिवहन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इस नई किराया आधारित व्यवस्था से विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

"2013 के भीषण बस हादसे से सबक ले प्रशासन"

कुलसचिव को सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने साल 2013 में बीएचयू परिसर के भीतर हुई एक दर्दनाक बस दुर्घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया।

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  • सुरक्षा मानक हों सार्वजनिक: छात्र नेता आशुतोष सिंह "यीशु" ने मांग की कि इस नई इलेक्ट्रिक बस सेवा के संचालन के लिए क्या सुरक्षा मानक (Safety Protocols) अपनाए गए हैं, इसे तत्काल सार्वजनिक किया जाए।

  • जवाबदेही तय करे बीएचयू: छात्रों ने सवाल उठाया कि इस बस सेवा के संचालन में बाहरी एजेंसी की क्या भूमिका है और यदि कल को कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? प्रशासन को यह स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए।

आईडी कार्ड धारक छात्रों और कर्मचारियों के लिए हो बिल्कुल मुफ्त सेवा

आशुतोष सिंह 'यीशु' का बयान: "हम परिसर में आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण के कदमों का स्वागत करते हैं। लेकिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय कोई व्यावसायिक जगह नहीं, बल्कि देश की एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक विरासत है। जब परिसर में पहले से ही विश्वविद्यालय के अपने संसाधन उपलब्ध हैं, तो छात्रों और कर्मचारियों से इस नई ई-बस के नाम पर किराया वसूलना बिल्कुल भी उचित नहीं है। हमारी मांग है कि बीएचयू आईडी कार्ड धारक छात्रों और कर्मचारियों के लिए इस सेवा को पूरी तरह निःशुल्क (Free) किया जाए।"

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर बीएचयू प्रशासन सच में पर्यावरण को लेकर गंभीर है, तो उसे अपनी आधिकारिक वीआईपी गाड़ियों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में तब्दील करना चाहिए, ताकि समाज के सामने एक वास्तविक उदाहरण पेश हो सके।

भ्रांति दूर करे विश्वविद्यालय प्रशासन

छात्रों का कहना है कि जब तक इस बस सेवा से जुड़े नियम, सुरक्षा प्रोटोकॉल और किराए की पूरी पारदर्शिता जनता के सामने नहीं आती, तब तक कैंपस में भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना और इस मामले पर आवश्यक विचार-विमर्श का आश्वासन दिया है।

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ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख उपस्थिति: इस दौरान मुख्य रूप से छात्र नेता आशुतोष "यीशु", केतन माधव, धीरज सिंह, संतोष त्रिपाठी, छोटू और मयंक प्रताप सहित भारी संख्या में बीएचयू के छात्र मौजूद रहे।