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BHU: आधी रात पानी के संकट पर रणक्षेत्र बना बीएचयू, बिरला हॉस्टल के छात्रों का पथराव, कई सुरक्षाकर्मी घायल

पानी मांगने पर मिलीं बोतलें, केक काटने को लेकर बढ़ा विवाद; वार्डन बोले- "छात्रों ने शिक्षकों को दी मां की गाली"

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का बिरला-अ छात्रावास रविवार की आधी रात को अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पीने के पानी की किल्लत से आक्रोशित छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प ने गंभीर रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक चले पथराव में कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

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पानी से शुरू हुआ विवाद, केक काटने पर भड़की आग

घटनाक्रम की शुरुआत रात करीब 11:30 बजे हुई, जब छात्रावास में पानी न आने से नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंचे वार्डन ने आनन-फानन में 75 बोतल पानी मंगवाकर छात्रों को शांत कराया और सुबह तक समस्या समाधान का भरोसा दिया। छात्र वापस लौट गए, लेकिन कुछ देर बाद फिर बाहर निकलकर सड़क पर केक काटने लगे। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका, तो बात धक्का-मुक्की से शुरू होकर मारपीट तक पहुंच गई।

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अंधेरे का फायदा उठाकर छत से बरसाए पत्थर

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि छात्र हॉस्टल की छत पर चढ़ गए और लाइटें बंद कर दीं। अंधेरे का फायदा उठाकर छात्रों ने करीब एक घंटे तक लगातार पत्थरबाजी की। प्रॉक्टोरियल बोर्ड बेबस नजर आया, जिसके बाद तीन थानों की फोर्स के साथ एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने लाउडस्पीकर से अपील कर छात्रों को शांत कराया।

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वार्डन की भावुक अपील: "शिक्षकों को गाली देना क्षमा योग्य नहीं"

हंगामे के बीच बिरला-अ के वार्डन ने माइक से छात्रों को फटकार लगाते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा, "आप लोगों ने शिक्षकों को मां की गाली दी और सुरक्षा देने वालों पर ही पत्थर चलाए, यह कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।" हालांकि, इस दौरान भी छात्र "पानी दो-पानी दो" के नारे लगाते रहे। अंत में सुबह वार्ता के आश्वासन पर रात 2:15 बजे मामला शांत हुआ।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी 8 सूत्री मांगें:

छात्रों ने हॉस्टल की बदहाली को लेकर एक मांग पत्र तैयार किया है, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं:

  1. सभी खराब वाटर कूलर और RO तुरंत बदले जाएं।

  2. बाथरूम, शौचालय और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत हो।

  3. पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

  4. खराब लाइट्स को बदला जाए और हॉस्टल में साफ-सफाई हो।

  5. जिम, लाइब्रेरी और कॉमन हॉल की व्यवस्था की जाए।

  6. खेल के मैदान और बाग की मरम्मत कराई जाए।

एसीपी का बयान

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और छात्रों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पथराव हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। वर्तमान में परिसर में शांति है और छात्रों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया है।