BHU: ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम
VT क्षेत्र में CCTV-रेट लिस्ट की व्यवस्था और छात्रों पर हुई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग; अभाविप ने खोला मोर्चा
वाराणसी (BHU) / भदैनी मिरर: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा और प्रशासनिक रवैये को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) बीएचयू इकाई ने मोर्चा खोल दिया है। अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

VT की दुकानों में पारदर्शिता और CCTV कैमरों की मांग
अभाविप ने विश्वविद्यालय परिसर, विशेष रूप से विश्वनाथ मंदिर (VT) क्षेत्र की दुकानों में सुरक्षा और दरों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र संगठन की प्रमुख मांगें हैं:
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सुरक्षा व्यवस्था: VT क्षेत्र में आए दिन होने वाले विवादों और मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक दुकान के आसपास पर्याप्त CCTV कैमरे लगाए जाएं और उनकी नियमित निगरानी हो।
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अनिवार्य रेट लिस्ट: दुकानों पर चाय, नाश्ता, छोला-समोसा व अन्य खाद्य सामग्रियों की दर सूची (Rate List) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए ताकि छात्रों से मनमाना मूल्य न वसूला जा सके।
दंडात्मक कार्रवाई पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील

अभाविप का आरोप है कि अपनी मांगों और छात्रहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ बीएचयू प्रशासन का रुख संवेदनहीन रहा है। छात्रों पर कमेटियों का गठन, एफआईआर (FIR) दर्ज कराना और हॉस्टल से डिबार (Debarment) करना प्रशासनिक हठधर्मिता को दर्शाता है।

संगठन ने मांग की है कि जिन छात्रों पर कार्रवाई या एफआईआर की गई है, उनके मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र समीक्षा की जाए। बिना गंभीर आपराधिक कृत्य सिद्ध हुए किसी भी छात्र के करियर को नुकसान न पहुंचाते हुए मानवीय आधार पर कार्रवाई वापस ली जाए।
7 दिनों में कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना
अभाविप बीएचयू इकाई ने स्पष्ट किया कि परिसर की सुरक्षा, छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा से जुड़े इन विषयों पर अब महज आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि अगले 7 दिनों में प्रशासन द्वारा सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो परिषद व्यापक छात्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने के लिए बाध्य होगी। हालांकि, संगठन ने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद और पारदर्शिता के जरिए समस्याओं का समाधान खोजना है।
