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BHU: 20 साल का रोडमैप तैयार, अस्पताल में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण पर फंसा पेंच

5 घंटे चली एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक, हॉस्टल मेस, खेलकूद, DACP प्रमोशन और अस्पताल सुविधाओं पर बने कई अहम फैसले

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EC बैठक
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वाराणसी (भदैनी मिरर)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एग्जीक्यूटिव काउंसिल (EC) की बैठक सोमवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। लगभग तीन महीने बाद आयोजित की गई यह बैठक दोपहर 3 बजे शुरू होकर करीब 5 घंटे तक चली। बैठक में विश्वविद्यालय के अगले 20 वर्षों के शैक्षणिक, बुनियादी और चिकित्सीय ढांचे के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) तैयार की गई।

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बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, भाजपा प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह और प्रो. यूपी शाही समेत परिषद के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए।

20 साल का विज़न : स्पोर्ट्स और हॉस्टल सुविधाओं का होगा विस्तार

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बैठक में विश्वविद्यालय परिसर के सर्वांगीण विकास पर गहन विचार-विमर्श किया गया। तय किया गया कि हॉस्टलों के मेस में भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, खेलकूद सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए वॉलीबॉल और फुटबॉल के साथ-साथ निशानेबाजी (शूटिंग), बॉक्सिंग और तैराकी (स्विमिंग) के लिए अतिरिक्त कोच नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, परिसर में बिना आवश्यकता के हो रहे नए निर्माण कार्यों पर सदस्यों ने आपत्ति जताई और केवल जरूरत के अनुसार ही निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया।

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सर सुंदरलाल अस्पताल: मल्टीलेवल पार्किंग और डॉक्टर की होगी भर्ती

बीएचयू अस्पताल में पूर्वांचल व दूर-दराज से आने वाले मरीजों की भारी भीड़ और पार्किंग समस्या को देखते हुए परिसर में बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का निर्णय लिया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए सदस्यों ने कुलपति से जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर नई नियुक्तियां करने को कहा। साथ ही, अस्पताल की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने व आधुनिक चिकित्सा पद्धति व आयुर्वेद के डॉक्टरों को DACP (डायनेमिक एश्योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन) प्रमोशन देने पर सहमति बनी। अस्पताल सुविधाओं के विस्तार के लिए एक विशेष कमेटी के गठन की भी बात कही गई।

संविदाकर्मियों के नियमितीकरण का मसला UGC को भेजा जाएगा

बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का रहा। कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों पर लंबी चर्चा के बावजूद काउंसिल किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। निर्णय लिया गया कि संविदा कर्मचारियों की सेवा नियमित करने व प्रमोशन से जुड़ी फाइल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को भेजी जाएगी और इस मामले को अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।

अन्य प्रशासनिक व अनुशासन संबंधी निर्णय

  •  प्रो. तेलुगु वेंकटेश्वर लू प्रकरण: हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद इस मामले पर अगली ईसी बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी।
  • प्रो. ओमशंकर जांच मामला: विवि प्रशासन ने बताया कि प्रो. ओमशंकर को पत्र देकर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद आगे का निर्णय होगा।
  • अन्य मुद्दे: उप कुलसचिव वेलू को हटाने की मांग, चीफ प्रॉक्टर को लेकर बढ़ रही नाराजगी पर नियंत्रण और डॉ. सुशील वैद्य से जुड़े प्रकरण को अगली बैठक (तीन महीने बाद) में पढ़ने के समय के साथ रखने पर सहमति बनी।

बैठक के अंत में कार्यकारिणी परिषद ने पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी औपचारिक पुष्टि की।