बरेका ने रचा नया इतिहास: जुलाई में रिकॉर्ड 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण, तोड़ा अपना ही पुराना कीर्तिमान
बनारस रेल इंजन कारखाना ने स्थापित किया नया रिकॉर्ड; GM आशुतोष पंत ने कर्मचारियों को दी बधाई, 11 देशों को हो चुके हैं 182 इंजन निर्यात।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। बरेका ने जुलाई 2026 के दौरान महज एक ही महीने में 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह किसी भी वित्तीय वर्ष में एक माह के भीतर बरेका द्वारा किया गया सर्वाधिक उत्पादन है।


जुलाई में बने 44 मालवाहक, 13 यात्री और 8 अमृत भारत इंजन
इस ऐतिहासिक सफलता के तहत बरेका ने भारतीय रेल के परिचालन को गति देने के लिए:
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44 डब्ल्यूएजी-9एचसी (WAG-9HC): मालवाहक विद्युत रेल इंजन
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13 डब्ल्यूएपी-7 (WAP-7): यात्री विद्युत रेल इंजन
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08 अमृत भारत: आधुनिक विद्युत रेल इंजन
का सफलतापूर्वक निर्माण पूरा किया। यह उपलब्धि बरेका की अत्याधुनिक तकनीक, बेहतरीन उत्पादन क्षमता और रेलकर्मियों के समर्पण का सीधा प्रमाण है।
मार्च 2025 का अपना ही रिकॉर्ड किया ध्वस्त
बरेका ने इस बार अपना ही पुराना कीर्तिमान ध्वस्त किया है। इससे पहले बरेका ने मार्च 2025 में एक माह में 61 विद्युत इंजनों का निर्माण कर अपना सर्वोच्च मासिक उत्पादन रिकॉर्ड बनाया था। जुलाई 2026 में 65 इंजनों का निर्माण कर संस्थान ने एक नया मानदंड स्थापित कर दिया है।

स्थापना काल से लेकर अब तक बरेका कुल 11,445 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें अकेले 3,109 विद्युत रेल इंजन शामिल हैं।
"मेक फॉर द वर्ल्ड": 11 देशों को 182 इंजनों का निर्यात
बरेका न केवल देश की जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के सपने को भी साकार कर रहा है। बरेका अब तक दुनिया के 11 देशों को 182 रेल इंजनों का सफलतापूर्वक निर्यात कर चुका है। इन देशों में मोजाम्बिक, म्यांमार, श्रीलंका, सूडान, तंजानिया, बांग्लादेश, माली सेनेगल, अंगोला, वियतनाम और मलेशिया शामिल हैं।

जीएम आशुतोष पंत ने दी बधाई, जताया भरोसा
इस शानदार उपलब्धि पर बरेका के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने सभी अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा:
"यह ऐतिहासिक सफलता हर एक कर्मचारी की कड़ी मेहनत, टीम भावना और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का नतीजा है। मुझे पूरा भरोसा है कि बरेका वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित 468 विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन लक्ष्य को भी समय से पहले और बेहतरीन गुणवत्ता के साथ हासिल कर लेगा।"
जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, बरेका की यह सफलता भारतीय रेल को विश्वस्तरीय बनाने और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


