Movie prime
Ad

Video: यौन शोषण मामले में FIR के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- “मुकदमा दर्ज होगा तभी सच सामने आएगा”

कहा- शिकायतकर्ता पर पूर्व में दर्ज है कई गंभीर आपराधिक मामले,गौ-संबंधी गतिविधियों और बयानों को लेकर कार्रवाई को बताया साजिश 

Ad

 
Shankaracahrya
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी/लखनऊ। यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर धारा 173(4) की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया गया।

Ad
Ad

“मुकदमा दर्ज होगा तभी जांच होगी”

अदालत के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुकदमा दर्ज होना आवश्यक है, तभी आगे की जांच और गवाही की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। उन्होंने आरोपों को “फर्जी” बताते हुए कहा कि जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आएगी।

Ad

उन्होंने कहा, “बिना मुकदमा दर्ज हुए जांच कैसे होगी? जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।”

आरोपों पर पलटवार

मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने आरोप लगाने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई उनकी गौ-संबंधी गतिविधियों और बयानों को लेकर साजिश के तहत की जा रही है।

Ad

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पर आरोप लगता है तो उसे न्यायालय में उसका सामना करना चाहिए। “हम कानून से ऊपर नहीं हैं। जो भी प्रक्रिया है, उसका पालन होना चाहिए,” उन्होंने कहा।

कानूनी प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी

कोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी और मामले की विधिवत जांच शुरू होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस साक्ष्य एकत्र करेगी और आवश्यकतानुसार बयान दर्ज करेगी।

यह मामला धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और अदालत की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

Ad