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वाराणसी में ATS का बड़ा एक्शन: टेरर फंडिंग के शक में आदमपुर में डॉक्टर के घर छापा; डिजिटल साक्ष्य और बैंक रिकॉर्ड जब्त

ATS और IB की संयुक्त कार्रवाई: मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कब्जे में

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  • लखनऊ कनेक्शन के बाद वाराणसी तक पहुंची जांच की आंच

  • साड़ी कारोबार और अस्पताल से जुड़े परिवार से घंटों पूछताछ

  • ISI लिंक की आशंका: चारबाग से पकड़े गए संदिग्धों से जुड़े तार 

वाराणसी, भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने टेरर फंडिंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए वाराणसी में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को शहर के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित एक चिकित्सक के आवास पर ATS की टीम ने छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

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सुबह 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदमपुर के ओंकारेश्वर इलाके में स्थित डॉक्टर के घर पर सुबह करीब 10 बजे लखनऊ से आई ATS यूनिट ने दबिश दी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और स्थानीय पुलिस को घर के बाहर मुस्तैद रखा गया था। टीम ने घर के अंदर मौजूद सदस्यों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण तुरंत अपने कब्जे में ले लिए।

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बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की गहन जांच

सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (Terror Funding) को लेकर की गई है। ATS की टीम परिवार के सदस्यों के बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड्स और पिछले कुछ समय में हुए डिजिटल ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने घर के सदस्यों के पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया।

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अस्पताल और व्यापारिक पृष्ठभूमि

संबंधित चिकित्सक का हनुमान फाटक क्षेत्र में अपना निजी अस्पताल है, जबकि परिवार के अन्य सदस्य साड़ी के बड़े कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या व्यापारिक लेन-देन की आड़ में किसी संदिग्ध नेटवर्क को फंडिंग की जा रही थी।

लखनऊ के 'चारबाग कनेक्शन' से जुड़ा मामला

बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों से पूछताछ के दौरान वाराणसी के इस लिंक का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि आईएसआई (ISI) और अन्य आतंकी संगठन मुंबई, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों में टेरर फंडिंग के जरिए अपना नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल, इस छापेमारी के संदर्भ में स्थानीय पुलिस अधिकारियों या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विजय प्रताप सिंह और विमल कुमार मिश्रा ने इस संबंध में अभी कोई पुष्टि नहीं की है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है, जिसके बाद बड़े खुलासे की संभावना है।