Varanasi : अमेरिका-इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में मौन उपवास व धरना
साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के लोगों ने की शांति की अपील, युद्ध रोकने और मानवाधिकारों की रक्षा की उठी मांग
वाराणसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शनिवार को वाराणसी में एक दिवसीय मौन उपवास और धरना आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला, जिसमें शहर के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और नागरिकों ने भाग लिया।


शांति वार्ता के बीच सैन्य कार्रवाई की निंदा
आयोजकों की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच बिना युद्ध की औपचारिक घोषणा के ईरान पर की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

मंच के अनुसार इस कार्रवाई में ईरान के राष्ट्रीय और धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में बड़ी संख्या में मासूम बच्चियों की मौत की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। इससे वैश्विक शांति और स्थिरता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

अमेरिकी नीतियों की आलोचना

वक्तव्य में अमेरिका की अन्य अंतरराष्ट्रीय नीतियों की भी आलोचना की गई। मंच ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव, ग्रीनलैंड पर कब्जे की चर्चा, पनामा नहर पर नियंत्रण की बात, कनाडा को अमेरिका का “51वां राज्य” बनाने तथा गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी टिप्पणियां वैश्विक राजनीति में अधिनायकवादी रुख को दर्शाती हैं।
भारत पर दबाव की भी आलोचना
मंच ने आरोप लगाया कि रूस से तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी और 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी जैसे कदम भारत पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे दबाव भारत की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए उचित नहीं हैं।
गांधी-नेहरू की विरासत का किया उल्लेख
आयोजकों ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में चला भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने की बात करता है।
रमज़ान के महीने में शांति का संदेश
मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि रमज़ान के पवित्र महीने में जब दुनिया के कई हिस्सों में हिंसा और युद्ध का माहौल है, तब वाराणसी के लोग सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने के लिए एकत्र हुए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से युद्ध रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अपील की गई।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
धरना-उपवास कार्यक्रम में फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद, सिस्टर फ्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका, मोहम्मद आसिम, प्रेम नट, कृष्णा, दिव्यांश, रुम्मान, सुनीता, सारा, एडवोकेट अबु हाशमी, एडवोकेट लोकेश कुमार सिंह, अशोक सिंह, जुबेर खान बागी, सुरेंद्र चरन, राजकुमार गुप्ता, सूर्यबली राम, एडवोकेट अब्दुला खालिद सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
