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 वाराणसी में कल से खुल रहे हैं कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल, भीषण गर्मी के कारण जिलाधिकारी ने बदला समय

सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगे विद्यालय, बच्चों के आने से पहले कैंपस चमकाने के कड़े निर्देश

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वाराणसी, भदैनी मिरर।  लंबे ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) के बाद वाराणसी जनपद के सभी परिषदीय विद्यालय मंगलवार (16 जून) 2026 से पठन-पाठन के लिए दोबारा खुलने जा रहे हैं। हालांकि, बनारस में पड़ रही भीषण गर्मी, तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी (DM) वाराणसी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का कार्यालय-आदेश जारी कर दिया है।

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अब सुबह 7:30 बजे से लगेंगे स्कूल

जारी आदेश के अनुसार, छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसलिए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालयों का समय अग्रिम आदेश तक प्रातः 7:30 बजे से अपरान्ह 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। बीएसए ने जनपद के सभी संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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बच्चों के आने से पहले चमकाना होगा कैंपस

इधर, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) के निर्देश पर स्कूलों में पठन-पाठन शुरू होने से पहले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिगत विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। चूंकि गर्मी की छुट्टियों के दौरान परिसरों में काफी गंदगी जमा हो जाती है, इसलिए 'समग्र शिक्षा' के तहत मिली 50 प्रतिशत कंपोजिट स्कूल ग्रांट की धनराशि का उपयोग कर स्कूलों की कायाकल्प करने का आदेश है।

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विभाग द्वारा सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों को निम्नलिखित 11 बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई पूर्ण करने को कहा गया है:

1. कक्षाओं की मुकम्मल सफाई: विद्यालय परिसर, क्लासरूम की खिड़कियों, दरवाजों, पंखों, फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड की अच्छे से सफाई की जाए। आसपास जलभराव और गंदगी को तुरंत दूर किया जाए।
2. शौचालय व पानी की व्यवस्था: सभी टॉयलेट्स की सफाई और कीटाणुशोधन (Sanitization) सुनिश्चित करते हुए वहां पर्याप्त पानी का इंतजाम रखा जाए।
3. शुद्ध पेयजल: पीने के पानी की टंकियों, वाटर कूलर और जल स्रोतों (हैंडपंप आदि) को साफ कर बच्चों के लिए स्वच्छ पानी की उपलब्धता तय की जाए।
4. कूड़ेदान का प्रबंध: परिसर में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखे जाएं और कूड़े का रोज निस्तारण हो।
5. मिड-डे मील व मानसून की तैयारी: मानसून नजदीक होने के कारण स्कूल बिल्डिंग की सुदृढ़ता और बिजली की सुरक्षा (विद्युत वायरिंग) जांची जाए। किचन (रसोईघर) और एमडीएम से जुड़े स्थानों पर विशेष स्वच्छता रखी जाए।
6. मरम्मत कार्य: सीढ़ियों, खेल के मैदान, टॉयलेट्स और बिजली के उपकरणों की जांच कर जरूरी मरम्मत तुरंत कराई जाए।
7. सुरक्षित खेल मैदान: स्कूल के ग्राउंड और बगीचों की सफाई कर उन्हें बच्चों के खेलने योग्य सुरक्षित बनाया जाए।
8. कांटेदार पौधों की छंटाई: स्कूल कैंपस में उगी झाड़ियों और कटीले पौधों को तत्काल साफ किया जाए।
9. जल निकासी: स्कूल की छतों पर जमा सूखे पत्ते, घास और मिट्टी साफ कराई जाए ताकि बारिश का पानी जमा न हो।
10. मनरेगा से मिट्टी भराई: यदि स्कूल परिसर में कहीं गहरा गड्ढा या जलभराव की समस्या है, तो मनरेगा के माध्यम से वहां मिट्टी भराई का कार्य जल्द पूरा किया जाए।

लापरवाही मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश करने से पहले इन सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना अनिवार्य है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अपने-अपने ब्लॉक के स्कूलों की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देशों का पालन न करने वाले लापरवाह स्कूल प्रभारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।