Ajay Rai Statement: अध्यक्ष पद से हटने के बाद अजय राय बोले— 'कुर्सी बदली है, कांग्रेस के प्रति निष्ठा नहीं'
आलाकमान के फैसले का अजय राय ने किया स्वागत; बोले— "कल भी कांग्रेस के साथ था, आज भी हूँ और आगे भी पार्टी के लिए संघर्ष करता रहूँगा।"
वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने के बाद वरिष्ठ नेता अजय राय ने पार्टी और शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की है। वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ उनका रिश्ता किसी पद या कुर्सी का मोहताज नहीं है, बल्कि विचारधारा और संगठन के प्रति गहरी निष्ठा का है।

‘पद बदला है, विचारधारा और निष्ठा नहीं’
आलाकमान के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा, "यह पार्टी की एक सतत और स्वाभाविक प्रक्रिया है। कल भी कांग्रेस के साथ था, आज भी हूँ और आगे भी पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम करता रहूँगा।"
उन्होंने कहा कि आलाकमान का फैसला सर्वोपरि है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इस निर्णय के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि पद भले ही बदल गया हो, लेकिन जनता और पार्टी के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं होगा।
कार्यकर्ताओं के सम्मान और रक्षा के लिए लड़ेंगे लड़ाई
भविष्य की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए अजय राय ने कहा कि वे जनता और कार्यकर्ताओं के बीच रहने वाले नेता हैं। वे प्रदेश भर में जनता के सुख-दुख और संघर्षों में हमेशा साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा, "आगामी समय में हमारी प्राथमिकता कार्यकर्ताओं को ताकत देना और उनके मनोबल को बढ़ाना है। यदि सत्ता पक्ष (भाजपा) की ओर से कार्यकर्ताओं पर अत्याचार, अन्याय होता है या उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं, तो कांग्रेस उनकी रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ी रहेगी।"
पार्टी में नए बदलाव और 'पेंड्रा' से चुनाव का संकेत
पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) व सभी वर्गों को साधने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी वर्गों—हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन व बौद्ध—को साथ लेकर चलने वाला एक महकता हुआ गुलदस्ता है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है।
आगामी चुनाव लड़ने के सवाल पर अजय राय ने स्पष्ट किया कि पेंड्रा (पिंडरा) उनका घर और परिवार है। उन्होंने याद दिलाया कि पेंड्रा की जनता ने उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी भारी मतों से चुनाव जिताया था, इसलिए वे वहाँ से लगातार जुड़े रहेंगे और आगे भी जनता की सेवा करते रहेंगे।
