वाराणसी: एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कसे मातहतों के पेंच, लंका थाने में लंबित विवेचनाओं और अपराध नियंत्रण पर दिए सख्त निर्देश
विवेचना में निष्पक्षता और गुणवत्ता पर जोर,महिला सुरक्षा और रात्रि गश्त को लेकर निर्देश
वाराणसी की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और चाक-चौबंद बनाने के लिए पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में है। इसी क्रम में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध) आलोक प्रियदर्शी ने गुरुवार शाम लंका थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की समीक्षा करना था।


विवेचना में निष्पक्षता और गुणवत्ता पर जोर
बैठक के दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना केवल एक कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि पुलिस की विश्वसनीयता का आधार है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
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तथ्यों पर आधारित जांच: विवेचना निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
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तकनीकी साक्ष्य: जांच के दौरान डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए।
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समयबद्ध निस्तारण: आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
"पुलिस की जिम्मेदारी केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि साक्ष्य संकलन के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाना है।" - आलोक प्रियदर्शी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध)
महिला सुरक्षा और रात्रि गश्त को लेकर निर्देश
समीक्षा बैठक में केवल विवेचना ही नहीं, बल्कि थाना क्षेत्रों की समग्र सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने लंका, भेलूपुर और चितईपुर थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि:

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रात्रि गश्त (Night Patrolling): गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
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महिला सुरक्षा: महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जाए।
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साइबर अपराध: बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्कता बरतने और जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल, एडीसीपी काशी जोन, और एसीपी भेलूपुर सहित तीनों थानों (लंका, भेलूपुर, चितईपुर) के प्रभारी व पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि जनता के साथ व्यवहार संयमित रखें ताकि पुलिस-पब्लिक समन्वय मजबूत हो सके।

