वाराणसी में जानलेवा बना चाइनीज मांझा: कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर गला कटने से साड़ी कारोबारी की दर्दनाक मौत
महाश्मशान जाने के रास्ते में मंदिर से लौट रहे कारोबारी की दर्दनाक मौत से परिवार में कोहराम; वहीं महमूरगंज फ्लाईओवर पर बाइक सवार की उंगलियां/हाथ कटने से गंभीर रूप से घायल।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): धर्मनगरी काशी में पतंगबाजी का शौक एक बार फिर लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिकने वाला चाइनीज मांझा (Chinese Manja) अब शहर में जानलेवा साबित हो रहा है। वाराणसी में रविवार को चीनी मांझे की चपेट में आने से दिल दहला देने वाली दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर एक साड़ी कारोबारी की गर्दन कटने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना महमूरगंज-मंडुवाडीह फ्लाईओवर पर हुई, जहां एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना 1: कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर साड़ी कारोबारी की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में दर्शन करने के बाद आशापुर स्थित अपने घर लौट रहे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती कज्जाकपुरा फ्लाईओवर से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक हवा में लटक रहा चीनी मांझा उनकी गर्दन से लिपट गया।
जब तक सुनील कुछ समझ पाते या बाइक रोकते, तब तक धारदार मांझे ने उनकी गर्दन को बुरी तरह रेत दिया। गले से तेजी से खून बहने लगा और वह सड़क पर गिरकर तड़पने लगे। यह खौफनाक मंज़र देखकर राहगीरों के होश उड़ गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के छोटे भाई सुशील कुमार ने बताया कि उनके बेटे की तबीयत खराब थी, जिसके चलते सुनील सुबह मंदिर में दर्शन करने गए थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। घटना की सूचना मिलते ही जैतपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना 2: महमूरगंज-मंडुवाडीह फ्लाईओवर पर भी हादसा
दूसरी दर्दनाक घटना महमूरगंज-मंडुवाडीह रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पर हुई। शक्तिपुरम कॉलोनी, भीटारी निवासी 45 वर्षीय लाल बाबू यादव महमूरगंज स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में ईंधन डलवाकर मंडुवाडीह की ओर जा रहे थे।
जैसे ही वह फ्लाईओवर पर पहुंचे, अचानक सड़क पर लटक रहा चाइनीज मांझा उनके हाथ में उलझ गया। मांझे की तेज धार से उनका हाथ बुरी तरह कट गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत मंडुवाडीह के एक नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
प्रशासन के दावों पर सवाल, प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक्री
कज्जाकपुरा, सरैया, जलालीपुरा, मढ़िया और पुरानापुल जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पतंगबाजी का दौर आम है। फ्लाईओवर और सड़कों के ऊपर से गुजरने वाले इन जानलेवा मांझों के कारण दोपहिया वाहन चालकों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। फ्लाईओवर पर स्पीड ब्रेकर या डिवाइडर न होने के कारण वाहनों की गति तेज होती है, जिससे मांझा गले या शरीर से उलझने पर संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर शहर में चीनी मांझे की अवैध बिक्री और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी बहुमूल्य जान को जाने से बचाया जा सके।
