काशी विद्यापीठ ब्लॉक को बड़ी सौगात: सीएचसी मिसिरपुर में पहली बार हुआ सफल सिजेरियन प्रसव
सीएमओ की पहल से शुरू हुई सिजेरियन सुविधा, मां और नवजात बच्ची दोनों स्वस्थ
वाराणसी, भदैनी मिरर। काशी विद्यापीठ विकासखंड के लिए यह एक बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिसिरपुर में पहली बार सफल सिजेरियन प्रसव कराकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दी गई है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद अब क्षेत्र में सुरक्षित सिजेरियन डिलीवरी सेवाएं शुरू हो गई हैं।


चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह ने बताया कि गुरुवार रात्रि को केंद्र पर पहला सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। खुशीपुर निवासी आशा यादव को प्रसव पीड़ा के बाद सीएचसी मिसिरपुर लाया गया था। महिला चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स द्वारा जांच के बाद उन्हें भर्ती किया गया।

जांच के दौरान बच्चेदानी का मुंह न खुलने, प्रसव पीड़ा अधिक होने और भ्रूण की धड़कन कम होने की स्थिति सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टाफ नर्स द्वारा तत्काल चिकित्सा अधीक्षक को सूचना दी गई, जिसके बाद सिजेरियन प्रसव की तैयारी के निर्देश दिए गए।

एनेस्थेटिस्ट डॉ. निकुंज कुमार वर्मा, सर्जन डॉ. मृणालिनी सिंह एवं डॉ. अनीता क्षेत्रपाल को बुलाया गया। स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की टीम ने सभी आवश्यक चिकित्सीय तैयारियां समय रहते पूरी कीं। सफल ऑपरेशन के माध्यम से एक स्वस्थ बालिका का जन्म हुआ।
नवजात शिशु को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंबुज गुप्ता द्वारा तुरंत रेडिएंट वार्मर पर लेकर परीक्षण किया गया, जहां बच्ची पूर्णतः स्वस्थ पाई गई। वर्तमान में मां और नवजात दोनों सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद की प्रेरणा और सहयोग से सीएचसी मिसिरपुर को सर्जन एवं एनेस्थीसिया सेवाओं की सौगात मिली है। अब काशी विद्यापीठ ब्लॉक के लोगों को सिजेरियन प्रसव के लिए जिला या निजी अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
सीएमओ ने जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चिकित्सा कर्मियों को हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया है। इस पहल से विशेष रूप से गरीब और ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का बड़ा लाभ मिलेगा।
