10.80 करोड़ की 558 किलो अफीम का निस्तारण, प्रदेश में ऑपरेशन दहन की सबसे बड़ी कार्रवाई
एसीपी चेतगंज शुभम जैन और जैतपुरा एसओ उपेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम
भदैनी मिरर डेस्क: नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2012 में दर्ज एक मुकदमे में जब्त 10 करोड़ 80 लाख रुपये मूल्य की 558 किलोग्राम अफीम का नियमानुसार सुरक्षित निस्तारण कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'ऑपरेशन दहन' के तहत प्रदेश में किसी एक मुकदमे से जुड़ी जब्त अफीम की इतनी बड़ी मात्रा के निस्तारण की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
14 साल पुराने मुकदमे का माल गाजीपुर फैक्ट्री में जमा
जानकारी के अनुसार, जैतपुरा थाने में वर्ष 2012 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 54/2012 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत भारी मात्रा में अफीम बरामद की गई थी। पिछले 14 वर्षों से इस मादक पदार्थ को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित मालखाने में रखा गया था।

हाल ही में गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी (Drug Disposal Committee) के निर्देशों और निगरानी में इस अफीम को नष्ट करने की अनुमति मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। एसीपी चेतगंज शुभम जैन और जैतपुरा थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में वाराणसी पुलिस की एक विशेष टीम गाजीपुर स्थित 'केंद्रीय अफीम एवं क्षारोद कारखाने' (Government Opium and Alkaloid Works) पहुंची, जहां निर्धारित नियमावली का पालन करते हुए 558 किलो अफीम को कारखाने में जमा कराकर निस्तारित किया गया।

पूरी प्रक्रिया की हुई वीडियो रिकॉर्डिंग
थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कानूनी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरी निस्तारण प्रक्रिया की बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई है। निस्तारण से संबंधित प्रमाण पत्र, अभिलेख और वीडियो रिकॉर्डिंग को केस डायरी में शामिल कर संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
एसीपी चेतगंज का बयान
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी चेतगंज शुभम जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत लंबित और पुराने मुकदमों से जुड़े जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इतनी विशाल मात्रा (558 किलो) में अफीम का एक साथ निस्तारण पूरे प्रदेश स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा डिस्पोजल है।
