Movie prime
Ad

युवती को भगाने के आरोप में पुलिस चौकी से छूटे इकलौते बेटे ने घर आकर लगा ली फांसी

गांव की युवती से था प्रेम सम्बंध, एक बार उसे भगा भी ले गया था 

Ad

 
unnav
WhatsApp Group Join Now

Ad

दूसरी बार युवती लापता हुई तो परिवारवालों ने संदेह के आधार पर उसको जमकर पीटा

युवती को खोजने के नाम पर घूम-घूम होती रही पिटाई, किया पुलिस के हवाले

उन्नाव। उन्नाव के अकरमपुर में युवती के लापता होने के बाद परिवारवालों ने उसके प्रेमी ललित कश्यप को काफी मारा, इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। दूसरे दिन जब युवक पुलिस चौकी से छूटा तो घर आकर गुरूवार की सुबह उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। ललित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। इस मामले में युवक की मां ने युवती और उसके परिवारवालों पर बेटे की बेरहमी से पिटाई, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

Ad
Ad

जानकारी के अनुसार अकरमपुर के 23 वर्षीय ललित कश्यप फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दो साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी एक युवती से दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों मोबाइल फोन पर एक दूसरे से बातें करने लगे। दो दिन पहले अचानक युवती लापता हो गई तो उसके परिवारवाले उसकी तलाश करने लगे। उन्हें ललित पर भगाने का शक था। इसके बाद परिजन ललित के घर आये। उस पर युवती को लापता करने का आरोप लगाया। बाद में मां ललित को लेकर युवती के घर पहुंची। युवती के परिवारवालों ने युवती की खोज में मदद के नाम पर ललित को रोक लिया और मां को घर भेज दिया। युवती के परिवारवालों ने ललित को लेकर युवती को जगह-जगह खोजा। इस दौरान उसकी बेहरमी से पिटाई भी की जाती रही। बाद में उसे पुलिस चौकी के हवाले कर दिया गया। चौकी पुलिस ने पूछताछ हो रही थी। उसी रात एक बजे कानपुर से युवती बरामद हो गई।

Ad

इधर, मां ने आरोप लगाया कि युवती के परिजन मेरे बेटे को पुलिस चौकी से छुड़वाने के लिए उससे 12 लाख रूपये मांग रहे थे। बाद में बुधवार की रात पुलिस ने ललित को छोड़ दिया। बताते हैं कि इससे पहले यह युवक उस युवती को भगा ले गया था। लेकिन बाद में दोनों लौट आये थे। तभी से दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही थी। हालांकि इस पर युवती को भगाने में वह शामिल नही था। लेकिन उसकी बेरहमी से पिटाई हुई। जगह-जगह उसे अपमान का घूंट पीना पड़ा। पुलिस चौकी के तमाम सवालों का सामना किया। आखिरकार बुधवार की रात पुलिस ने उसे छोड़ दिया। ललित घर आया और कमरे में सो गया। सुबह फांसी के फंदे पर लटकती उसकी लाश देख मां दहाड़े मारकर रोने लगी। बेटे की मौत के लिए युवती और उसके परिवारवालों को जिम्मेदार ठहराने लगी। मां ने बताया कि युवती और उसकी मां ने मेरे बेटे को मायाजाल में फसा लिया था। सारी कमाई वह युवती पर ही लुटाता रहा। जब से वह फैक्ट्री में काम करने लगा तब से उसकी युवती से मुलाकात नही होती थी। लेकिन काम के दौरान युवती पूरे दिन बेटे को परेशान करती थी। 
 

Ad
Ad