अंडाकरी के विवाद में पत्नी ने दांतों से काट ली पति की जीभ, हालत गंभीर
मोदीनगर के संजयपुरी कालोनी में हुई अजीबोगरीब घटना
पति को मेरठ के अस्पताल में कराया गया भर्ती, पत्नी हिरासत में
मोदीनगर। मोदीनगर के संजयपुरी कॉलोनी में शराब के नशे में धुत पति विपिन और पत्नी ईशा में अंडा करी बनाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। गुस्से में तमतमाई पत्नी ने अपने दांत से पति की जीभ काट ली। पति के जीभ का अगला हिस्सा कटकर अलग हो गया है। घायल पति विपिन को गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पत्नी ईशा को हिरासत में ले लिया है। यह घटना सोमवार देर रात को हुई।



बताया जाता है कि दोनों नशे में थे। तभी देर रात दो बजे अंडा करी बनाने को लेकर दोनों में बात हुई। तुम बनाओ तो तुम बनाओ को लेकर विवाद होने लगा। इसके बाद दोनों में मारपीट हो गई। इसी दौरान ईशा तमतमा गई और उसने पति की जीभ दांतों से काट दी। जीभ का अगला हिस्सा अलग होने के बाद विपिन चीखने-चिल्लाने लगा। मुंह से लगातार खून बहने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। विपिन की हालत देख लोगों ने पुलिस को सूचित कर दिया। इस दौरान विपिन को गंभीर हालत में मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार जीभ का आगे का हिस्सा कटकर अलग हो गया। जांच में भी यह बात सामने आई की दोनों नशे में थे।

राजस्थान में भी शादी के 15 दिन बाद ही पत्नी ने काट दी थी पति की जीभ
आपको बता दें कि पिछले 21 मार्च 2025 को राजस्थान के झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे से शादीशुदा महिला ने अपने पति की जीभ को दांतों से काटकर अलग कर दिया था। घायल पति को झालावाड़ के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दोनों की शादी के डेढ़ महीने ही हुए थे, तबतक झगड़े में पत्नी ने इस वारदात को अंजाम दे दिया। बकानी कस्बे के ज्योति नगर में यह घटना कन्हैयालाल के साथ हुई थी। उसकी डेढ़ महीने पहले सुनेल निवासी रवीना के साथ शादी हुई थी। सबकुछ ठीक चल रहा था। रवीना अपने पीहर गई हुई थी। 20 मार्च को उसके पिता बकानी स्थित उसके सुसारल में छोड़कर गए थे। देर रात दोनों पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद ही रवीना ने अपने पति की जीभ को दांतों से काटकर अलग कर दिया। घटना के बाद रवीना ने कमरे की कुंडी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों के समझाने पर उसने अपना फैसला बदला और कमरे का दरवाजा खोला दिया। बाद में रवीना को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

