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Varanasi News: वाराणसी के मानसिक रोग अस्पताल में भर्ती उन्नाव के कैदी की मौत, सीने में दर्द के बाद तोड़ा दम

हत्या के आरोप में बंद इटावा के राहुल निषाद का पांडेयपुर में चल रहा था इलाज, सिजोफ्रेनिया बीमारी से था पीड़ित; जांच में जुटी पुलिस।

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वाराणसी। वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मंडलीय मानसिक रोग चिकित्सालय से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ पिछले तीन महीनों से भर्ती उन्नाव जेल के एक विचाराधीन कैदी की मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने और सीने में तेज दर्द होने के बाद मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।

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सिजोफ्रेनिया बीमारी से पीड़ित था कैदी

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का रहने वाला 26 वर्षीय राहुल निषाद हत्या के एक मामले में आरोपी था और उन्नाव जिला जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान उसकी मानसिक स्थिति काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन के निर्देश पर करीब तीन महीने पहले उसे इलाज के लिए वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मंडलीय मानसिक रोग अस्पताल में रेफर किया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, राहुल सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia) नामक गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित था और अस्पताल के विशेष वार्ड में उसका इलाज चल रहा था।

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रात में अचानक उठा दर्द, अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात कैदी राहुल निषाद के सीने में अचानक असहनीय दर्द उठा। उसकी हालत बिगड़ती देख ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल (कबीरचौरा) के लिए रवाना किया। हालांकि, जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रास्ते में ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।

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परिजनों और उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना

कैदी की मौत की जानकारी मिलते ही मानसिक अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इस घटना की जानकारी संबंधित जेल अधिकारियों, स्थानीय पुलिस और कैदी के गृह जनपद में रहने वाले उसके परिजनों को दे दी है।

"कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और नियमानुसार डॉक्टरों के पैनल द्वारा जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही और वास्तविक कारणों (जैसे हार्ट अटैक या अन्य कोई वजह) का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।" — अस्पताल प्रशासन, वाराणसी

मामले की न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू

चूंकि मृतक एक कैदी था और न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में इलाज करा रहा था, इसलिए नियमानुसार इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट और पुलिस स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड और इलाज के पर्चों को खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उपचार में कोई कोताही तो नहीं बरती गई थी।