UP Scholarship 2026: सीएम योगी ने 4.60 लाख छात्रों के खातों में भेजे 148 करोड़ रुपए
लखनऊ के लोकभवन से सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक क्लिक से डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की स्कॉलरशिप; कहा— "2017 से पहले भ्रष्टाचारी डकार जाते थे छात्रों का हक।"
लखनऊ/वाराणसी (भदैनी मिरर):उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (3 अक्टूबर 2026) को प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को बड़ा तोहफा दिया है। लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने एक क्लिक के जरिए प्रदेश के 4.60 लाख छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 148 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति राशि ट्रांसफर की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सीख दी कि स्कॉलरशिप का पैसा मिलते ही उसका सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण निवेश अपनी पढ़ाई पर करें।
2017 से पहले भ्रष्टाचारी काटते थे कमीशन: सीएम योगी
पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले छात्रों को न तो समय पर स्कॉलरशिप मिलती थी और न ही पूरी। बिचौलिए और भ्रष्टाचारी छात्रों का हक डकार जाते थे, यहाँ तक कि बाबू स्कॉलरशिप देते समय अपना कमीशन काट लेते थे।
उन्होंने बताया कि पहले जहाँ पूरे प्रदेश में केवल 2,900 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति में जाते थे, वहीं अब भाजपा सरकार इसे बढ़ाकर 6,200 करोड़ रुपये से अधिक कर चुकी है, जो दोगुने से भी ज्यादा है। सीएम ने बताया कि 2 अक्टूबर को बैंक अवकाश होने के कारण 3 अक्टूबर को यह राशि सीधे खातों में भेजी गई है।
किस वर्ग के कितने छात्रों को मिली स्कॉलरशिप?
| वर्ग | छात्र संख्या | हस्तांतरित धनराशि |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 2,23,615 | ₹60.01 करोड़ |
| अनुसूचित जाति (SC) | 1,59,959 | ₹64.54 करोड़ |
| सामान्य वर्ग (General) | 38,084 | ₹11.43 करोड़ |
"कोई भी बच्चा न रहे वंचित"
सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि तकनीकी गड़बड़ी या विद्यालय की त्रुटि के कारण यदि पिछले वर्ष किसी पात्र छात्र को स्कॉलरशिप नहीं मिल पाई थी, तो उसे भी इस बार अभियान चलाकर लाभान्वित किया जाए। सरकार का संकल्प है कि पैसों के अभाव में किसी भी मेधावी की शिक्षा बाधित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ऑपरेशन कायाकल्प' के जरिए बेसिक शिक्षा के स्कूलों में टॉयलेट, पीने के पानी और मूलभूत सुविधाओं को सुधारा गया, जिससे छात्राओं का ड्रॉपआउट रेट कम हुआ है। आज प्रदेश में 1.60 करोड़ बच्चों को कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और जूते-मोजे का इंतजाम सरकार कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से अधिक छात्रों को 4,793 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
