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UP EOW की समीक्षा: CM योगी का सख्त निर्देश- 3 महीने से ज्यादा पेंडिंग न रहे कोई केस, तय होगी अफसरों की जवाबदेही

आर्थिक अपराधियों पर कसेगा शिकंजा: मुख्यमंत्री ने EOW को आधुनिक तकनीक और 'केस मैनेजमेंट सिस्टम' से लैस करने के दिए निर्देश; चलाएं जागरूकता अभियान।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने और जांच प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए साफ कहा कि जांच अधिकारी किसी भी मामले को तीन महीने से अधिक समय तक लंबित (पेंडिंग) न रखें। यदि ऐसा होता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन जैसे मामलों में अपराधियों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, क्योंकि ऐसे अपराध न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आम जनता के भरोसे को भी तोड़ते हैं।

मई 2026 तक 155 मामलों का हुआ निपटारा

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संगठन द्वारा पुराने और लंबित मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2026 में 31 मई तक ईओडब्ल्यू ने 155 जांच और विवेचनाओं का निस्तारण किया है। इसके साथ ही इसी समय सीमा के भीतर 71 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सीएम योगी ने इस गति को और तेज करने तथा फरार अपराधियों की जल्द से जल्द धरपकड़ के निर्देश दिए।

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'केस मैनेजमेंट सिस्टम' (CMS) से आएगी पारदर्शिता

भदैनी मिरर को मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में ईओडब्ल्यू की नई तकनीकी प्रणाली के बारे में भी चर्चा हुई। संगठन में जांच और मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने के लिए 'केस मैनेजमेंट सिस्टम' (CMS) विकसित किया गया है।

  • यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल है।

  • इसके जरिए ऑनलाइन रिपोर्टिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • डैशबोर्ड आधारित इस तकनीक से मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सीधे केस प्रोग्रेस देख सकेंगे। CM योगी ने कहा कि इस तकनीक के आने से जांच की गुणवत्ता सुधरेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

"अपराधों की प्रकृति अब जटिल हो चुकी है। ऐसे में हमारी जांच एजेंसियों का आधुनिक संसाधनों और तकनीकी दक्षता से सुसज्जित होना बेहद जरूरी है।"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

पोंजी स्कीम और चिटफंड घोटालों पर कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो मामले कोर्ट में हैं, वहां प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) के जरिए अपराधियों को अधिकतम सजा (Conviction) दिलाई जाए। इसके अलावा मल्टीलेवल मार्केटिंग, पोंजी स्कीम, चिट-फंड घोटाले और साइबर फ्रॉड जैसी ठगी से निपटने के लिए विवेचकों (Investigators) को आधुनिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।

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 जनता के लिए चलेगा "जागरूकता, जानकारी, बचाव" अभियान

बदलते डिजिटल दौर में निवेश और वित्तीय धोखाधड़ी से आम जनता को बचाने के लिए ईओडब्ल्यू उत्तर प्रदेश में "जागरूकता, जानकारी, बचाव" नाम से एक विशेष अभियान चला रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की तारीफ करते हुए इसे और अधिक व्यापक बनाने के निर्देश दिए ताकि गांव-गांव तक लोग साइबर अपराधियों और फर्जी स्कीमों के प्रति सतर्क हो सकें।