Movie prime
PMC_Hospital

UP: लखीमपुर में MLC चुनाव के हंगामे में सपा के पूर्व विधायक समेत 9 पर केस दर्ज

UP MLC Election Controversy: एमएलसी चुनाव में बवाल पर एक्शन; सपा के पूर्व विधायक समेत 9 पर FIR, आजमगढ़ में वोटर लिस्ट धांधली पर कई अफसरों पर गिरी गाज

Ad

 
varanasi
WhatsApp Group Join Now

Ad

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क, लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतदान प्रक्रिया के दौरान हुई धांधली और हिंसक झड़पों को लेकर पुलिस व चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एक तरफ जहां लखीमपुर में बीजेपी और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी झड़प के बाद सपा के पूर्व विधायक समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी तरफ आजमगढ़ में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी मिलने पर आयोग ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

Ad

1. लखीमपुर: मितौली ब्लॉक कैंपस में बवाल; सपा पूर्व विधायक सुनील लाला समेत 9 पर मुकदमा

लखीमपुर खीरी के मितौली ब्लॉक कैंपस के बाहर मतदान के दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद हो गया था। उस दौरान सपा नेताओं ने भाजपा विधायक सौरभ सिंह पर समर्थकों के साथ मतदान केंद्र में जबरन घुसने का आरोप लगाया था, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

  • अमर अली की तहरीर पर कार्रवाई: मितौली पुलिस ने चुराईपुरवा निवासी अमर अली की तहरीर पर शनिवार को औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

  • धाराएं व आरोपी: पुलिस ने सपा के पूर्व विधायक सुनील लाला और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम खेलावन समेत 9 नामजद लोगों के खिलाफ बलवा, शांति भंग और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2. आजमगढ़: एक ही व्यक्ति का 11 जगह नाम! एसडीएम समेत BLO पर FIR का निर्देश

मतदाता सूची (Voter List) में एक के बाद एक बड़ी गड़बड़ियां सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 11 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज पाया गया (पूर्व में यह 13 जगह दर्ज था)।

चुनाव आयोग ने इस गंभीर लापरवाही को फर्जीवाड़े की श्रेणी में मानते हुए सख्त कदम उठाए हैं:

  • सेवा समाप्त: कंप्यूटर सहायक और 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उनकी संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

  • विभागीय कार्रवाई व एफआईआर: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO/SDM) और 2 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, ईआरओ, दोनों एईआरओ, कंप्यूटर सहायक और पांचों बीएलओ के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश जारी हुआ है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली लापरवाही या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।