UP: अखिलेश के बाद प्रियंका गांधी ने खोला मोर्चा, सीधे PM मोदी पर बोला हमला; 29 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलेंगे सपा मुखिया
निशा विश्वकर्मा केस में प्रियंका गांधी का तीखा प्रहार: कहा- "अत्याचारियों के साथ खड़ी है भाजपा सत्ता", अखिलेश ने किया गाजीपुर कूच का ऐलान
लखनऊ डेस्क: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में 16 वर्षीया निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब एक बड़े राजनीतिक तूफान का रूप ले चुकी है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के बाद अब कांग्रेस भी आक्रामक हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए इसे 'अंधेरगर्दी' करार दिया है।


प्रियंका गांधी का 'एक्स' पर तीखा हमला
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए भाजपा सरकार को घेरते हुए लिखा कि गाजीपुर में किशोरी की हत्या के मामले में पहले एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की गई और अब पीड़ित परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने उन्नाव, हाथरस और प्रयागराज की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा पीड़िता के खिलाफ और अत्याचारी के साथ खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री की बातें सिर्फ दिखावा हैं।

29 अप्रैल को गाजीपुर जाएंगे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल बताया है। सपा के प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के घायल होने के बाद अखिलेश यादव ने खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। वह 29 अप्रैल को गाजीपुर के कटरिया गांव पहुंचेंगे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेंगे।

क्या है पूरा मामला?
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र में 14-15 अप्रैल की रात निशा विश्वकर्मा का शव गंगा किनारे मिला था। परिवार का आरोप है कि निशा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने हालांकि एक आरोपी हरिओम पांडे को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन शुरुआत में मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश और जांच में देरी को लेकर ग्रामीणों और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश है।
तनाव के बीच भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से ही कटरिया गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विश्वकर्मा समाज ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के लिए फांसी की मांग की है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि न होने की बात सामने आई है, लेकिन विपक्षी दल इसे दबाने की कोशिश बता रहे हैं।
प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के कड़े रुख के बाद अब यह मामला राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
