Umesh Pal Murder Case: 5 लाख का इनामी अरमान साढ़े 3 साल बाद पहुंचा प्रयागराज, बिहार की गया जेल से लाकर SC-ST कोर्ट में पेशी
गयाजी जेल में बंद उमेश पाल हत्याकांड का वांछित आरोपी अरमान ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया; प्रयागराज पुलिस अब दर्ज करेगी बयान।
भदैनी मिरर क्राइम & लीगल डेस्क: प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या मामले में वांछित 5 लाख रुपये के इनामी मोहम्मद अरमान को करीब साढ़े तीन साल बाद सोमवार (5 अक्टूबर) को प्रयागराज लाया गया।
बिहार की गयाजी जिला जेल में एक अन्य आपराधिक मामले में बंद अरमान को प्रयागराज पुलिस की विशेष टीम ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पहुंची और कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष एससी-एसटी अदालत में पेश किया।

अदालत ने दिया न्यायिक अभिरक्षा का आदेश
विशेष एससी-एसटी न्यायाधीश मयंक कुमार की अदालत में सोमवार शाम 4 बजे पुलिस भारी सुरक्षा घेरे में अरमान को लेकर पहुंची। पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि विवेचना के दौरान अरमान के बिहार की गयाजी जेल में बंद होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वहां की अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे प्रयागराज लाया गया।
अदालत ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अरमान को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। सुनवाई के समय विशेष लोक अभियोजक विमलचंद पाठक, अखिलानंद द्विवेदी, अभियोजन अधिकारी शरद कुमार यादव, विवेचक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
गयाजी जेल में पहचान और ट्रांजिट रिमांड की पूरी प्रक्रिया
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24 फरवरी 2023: प्रयागराज में उमेश पाल और दो सुरक्षाकर्मियों की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें अरमान का नाम सामने आया था।
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5 लाख का इनाम: वारदात के बाद से फरार चल रहे अरमान पर शासन ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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27 फरवरी 2023 से बंद: हाल ही में प्रयागराज पुलिस को सूचना मिली कि अरमान 27 फरवरी 2023 से ही किसी अन्य मामले में गयाजी जेल में बंद है।
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पहचान व रिमांड: 30 सितंबर को प्रयागराज पुलिस की टीम ने गया जेल पहुंचकर फिंगरप्रिंट और तस्वीरों से अरमान की पहचान पुख्ता की। इसके बाद 1 अक्टूबर को गया कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति लेकर उसे प्रयागराज लाया गया।
अब बयान दर्ज करने की अनुमति मांगेगी पुलिस
कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद पुलिस अरमान को वापस गयाजी जिला जेल ले गई। प्रयागराज पुलिस अब मंगलवार को अदालत में आवेदन दाखिल कर न्यायिक अभिरक्षा के दौरान अरमान का बयान दर्ज करने और विवेचना से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने की अनुमति मांगेगी।
