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कंबल की रस्सी बनाकर कन्नौज जिला जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग निकले दो शातिर अपराधी

बंदियों के भागने की सूचना से मचा जेल में हड़कम्प, समाधान दिवस छोड़ जेल पहुंचे डीएम और एसपी 

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पार्टी के जश्न के दौरान बंदियों को भागने का मिला मौका, जेल प्रशासन बता रहा दो दिन पहले हुई थी पार्टी

कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जेल की करीब 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर दो बंदी फरार हो गए। बताया जाता है क रविवार रात जेल में न्यू ईयर की पार्टी रखी गई थी। अफसर-कर्मचारी और उनके परिवारीजन पार्टी में व्यस्त थे। पार्टी का फायदा उठाकर बंदियों ने कंबलों को आपस में बांधकर मोटी रस्सी बना ली और दीवार फांदकर भाग निकले। बताते हैं कि रात में जेल के सभी बंदियों को बैरकों में भेजा गया, लेकिन गिनती नहीं हुई थी। सोमवार की सुबह 11 बजे जब सभी बंदी निकाले गए तो गिनती में दो बंदी कम मिले। पहले इस मामले को जेल प्रशासन ने छिपाने की कोशिश की और अपने स्तर से खोजबीन जारी रखी। जेल प्रशासन ने पार्टी के सबूत भी मिटा दिए। लेकिन डीएम-एसपी को इस बात की भनक लग गई और वह समाधान दिवस छोड़कर जिला जेल पहुंचे तो जेल प्रशासन ने उनके सामने सच्चाई बताई। इस मामले में डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी। डीजी जेल पीसी मीणा ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेलर विनय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरी ओर इसी मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने जेल वार्डर अतुल मिश्रा और नवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में अतक कुल 6 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। इस प्रकरण में कानपुर रेंज के डीआईजी जेल को जांच अधिकारी बनाया गया है।

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जिला मुख्यालय से 17 किमी दूर गुरसहायगंज थाना क्षेत्र में अनौगी गांव के पास जिला जेल है। जेल की क्षमता 660 बंदियों की है। लेकिन इस समय 440 बंदी बंद हैं। जेल की चहारदीवारी 22 फीट ऊंची हैं। जेल में पार्टी थी और डीजे बज रहा था। शोर और बंदी रक्षकों की लापरवाही का फायदा उठाकर बंदी अंकित और शिवा फरार हो गए। उन्होंने कई कंबलों को जोड़कर उसका रस्सी की तरह इस्तेमाल किया। जेल प्रशासन ने पहले तो बंदियों के भागने की जानकारी छिपाई। जेल के अंदर ही बंदी शिवा और अंकित की तलाश की गई। जेल गेट के बगल की पूर्वी दीवार के सहारे रस्सीनुमा कम्बल लटके दिखाई दिए तो जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत पार्टी के सबूत मिटाए। बताते हैं कि जेल की जिस पूर्वी दीवार दीवार को फांदकर बंदी भागे है, वह जेल की सबसे ऊंची और मुख्य दीवार है। कंबलों को जेल की दीवार के ऊपरी छोर पर बांधना मुश्किल काम है। ऐसे में संभव है कि बाहर की ओर से कुछ लोग कंबल को मजबूती से पकड़े रहे हों और उसी के सहारे बंदी पहले दीवार पर चढ़े और फिर बाहर की तरफ उतर कर भागे हों। कंबल वही इस्तेमाल किये गए जो जेल में बंदियों को ओढ़ने के लिए दिए जाते हैं।

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बंदियों के फरार होने की जानकारी मिलने पर सदर तहसील में समाधान दिवस में सुनवाई कर रहे DM आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और SP विनोद कुमार जेल पहुंचे। उन्होंने जेल अफसरों से पूछताछ की और उस जगह को देखा जहां से बंदी फरार हुए। पता चला कि जेल के चारो तरफ वॉच टावर लगे हैं, लेकिन इस पर सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर नहीं रहते। अगर वॉच टावर से निगरानी होती तो बंदी  पकड़ लिये गये होते। गौरतलब है कि जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो जेल के अंदर पार्टी का है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जेल में सोमवार रात नए साल की पार्टी की है। इसमें डीजे बजाया गया। इसकी जानकारी बंदियों को पहले से हो गई थी और बंदी अंकित और शिवा ने पार्टी से पहले ही फरार होने प्लानिंग बना ली थी।

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जेल से भागने वाले बंदी अंकित और डिम्पी उर्फ शिवा शातिर अपराधी हैं। दोनों कन्नौज के रहने वाले हैं। अंकित का घर तालग्राम गांव में है। उसे 10 जून, 2025 को चोरी और अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया था। उस पर पुलिस ने 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज गया था। दूसरा बंदी डिम्पी उर्फ शिवा मलगवां थाना क्षेत्र के ठठिया गांव का रहने वाला था। उसने एक नाबालिग लड़की के साथ रेप किया था। वह 20 दिसंबर, 2025 को पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था। दोनों विचाराधीन बंदी है। DIG जेल प्रदीप गुप्ता ने निरीक्षण के बाद बताया कि दोनों बंदी जेल की उस जगह पर पहुंच गए थे, जो बंदियों के लिए प्रतिबंधित है। सीसीटीवी चेक किए गए हैं। कर्मियों से बात की है। जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्यवाही की जाएगी। उधर, यह भी पता चला है कि जेल प्रशासन ने बताया है कि जेल में पार्टी दो दिन पहले हुई थी।  
 

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