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जेल से रिहाई के 2 महीने बाद अब्बास अंसारी की गई विधायकी, मऊ विधानसभा सीट रिक्त घोषित

UP में BJP की सहयोगी पार्टी सुभासपा से विधायक थे अब्बास अंसारी

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Abbas Ansari
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अब्बास की पत्नी भी 154 दिन रही है जेल में

मऊ सीट पर उपचुनाव की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की मऊ विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। यह फैसला मऊ की MP/MLA कोर्ट द्वारा हेट स्पीच मामले में अब्बास को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद लिया गया।

सजा के बाद रविवार को विधानसभा सचिवालय को विशेष रूप से खोला गया और प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने अब्बास की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मऊ सीट पर उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार का प्रयास रहेगा कि बिहार चुनाव से पहले ही मऊ में उपचुनाव कराए जाएं।

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चुनावी रैली में दिया था भड़काऊ बयान 

यह मामला 3 मार्च 2022 का है, जब अब्बास अंसारी ने मऊ के पहाड़पुर मैदान में एक चुनावी रैली के दौरान भड़काऊ बयान दिया था। उन्होंने मंच से कहा था - जो आज डंडा चला रहे हैं, सरकार बनने के बाद छह महीने तक कोई तबादला नहीं होगा। हर किसी को उसके किए का हिसाब देना होगा।

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इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे प्रचार पर रोक लगा दी थी।
बाद में 4 अप्रैल 2022 को एसआई गंगाराम बिंद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई जिसमें अब्बास, उनके भाई उमर अंसारी, चुनाव एजेंट मंसूर और 150 अज्ञात लोग आरोपी बनाए गए।
इन पर IPC की धाराएं 506, 171F, 186, 189, 153A और 120B लगाई गईं।

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जेल से रिहाई के 2 महीने बाद गई सदस्यता

अब्बास अंसारी को मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट के मामले में ED ने नवंबर 2022 में हिरासत में लिया था। करीब 2 साल 8 महीने बाद 21 मार्च 2024 को वह जेल से रिहा हुए थे।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 7 मार्च को जमानत दी थी और 15 दिन बाद कासगंज जेल से रिहाई हुई थी। 

पत्नी निखत भी जेल गईं थीं

अब्बास से बिना अनुमति के मिलने पर उनकी पत्नी निखत अंसारी भी चर्चा में आई थीं। 11 फरवरी 2023 को निखत चित्रकूट जेल में अब्बास से मुलाकात कर रही थीं, तभी एसपी और डीएम की छापेमारी हुई। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। करीब 154 दिन जेल में रहने के बाद निखत की रिहाई हुई।

मऊ में उप चुनाव तय

अब विधानसभा सचिवालय द्वारा मऊ सीट रिक्त घोषित किए जाने के बाद चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनाव की तिथि घोषित कर सकता है। माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनावों से पहले ही मऊ में वोटिंग कराई जा सकती है।


UP में BJP की सहयोगी पार्टी है सुभासपा 

माफिया से राजनेता बने मुख्तार अंसारी के खिलाफ बीजेपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार कार्रवाई करती रही। यूपी से धीरे-धीरे उसके साम्राज्य को समाप्त कर दिया गया। अब्बास मुख्तार अंसारी का बड़ा बेटा है। योगी सरकार में उनकी सहयोगी पार्टी के रुप में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी है। पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर मंत्री है। उन्हीं की पार्टी से अब्बास अंसारी विधायक थे।