साइबर पुलिस के हत्थे चढ़े लखनऊ के रहनेवाले दो अंतरराष्ट्रीय शातिर ठग
टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करता था गिरोह
6.32 लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, कैश काउंटिंग मशीन, विदेशी सिम कार्ड, स्कॉर्पियो वाहन बरामद
आजमगढ़। आजमगढ़ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करनेवाले गिरोह के दो शातिर ठगों को बुधवार की रात गिरफ्तार किया है। गिरोह टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करता था। दोनों शातिर अभिषेक गुप्ता और शाश्वत अवस्थी लखनऊ के रहनेवाले हैं। साइबर थाना पुलिस ने बताया कि इनके कब्जे से 6.32 लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, कैश काउंटिंग मशीन, एक विदेशी सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



पुलिस ने बताया कि ठगी का मामला 18 सितंबर 2025 को प्रकाश में आया था। रौनापार थाना क्षेत्र के भूपेन्द्रनाथ यादव ने साइबर थाना आजमगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र को टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से “WOOCOMMERCE” नामक कंपनी के लिए ऑनलाइन कार्य करने का झांसा दिया गया। प्रोडक्ट बूस्टिंग और अधिक मुनाफे के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में 12.64 लाख रुपये जमा कराकर उसके साथ साइबर ठगी की गई। इस मामले की पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पता चला कि गिरोह के लोग टेलीग्राम आईडी के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर ठगी की रकम भारतीय बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे।

फिर एटीएम और चेक के माध्यम से नकद निकालकर उस धनराशि को यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था। मुख्य अभियुक्त अभिषेक गुप्ता द्वारा अब तक लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये की राशि क्रिप्टो करेंसी में ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। अभिषेक गुप्ता निवासी जानकीपुरम, लखनऊ और शाश्वत अवस्थी निवासी इंदिरा नगर, लखनऊ का रहनेवाला है। पुलिस ने बरामद स्कार्पियो को सील कर दिया है।

