कर्मचारी से रिश्वत मामले में गिरफ्तार रेलवे के तीन अधिकारी निलम्बित
एक अधिकारी उरई से और दो अफसर चित्रकूट से हुए थे गिरफ्तार
आपरेटर सिद्धार्थ गौतम ने की थी सीबीआई से शिकायत, हुई कार्रवाई
उरई। रिश्वत लेने के मामले में गुरुवार रात को पकड़े गए रेलवे के तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें सीबीआई की टीम ने पकड़ा। टीम ने इनमें से एक को रंगेहाथ रुपये लेते पकड़ा जबकि दो को चित्रकूट से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई तीनों को लखनऊ ले गई। इसके बाद रेलवे ने भी अपनी ओर से कार्रवाई करते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।


जानकारी के अनुसार झांसी जिले के मोंठ निवासी सिद्धार्थ गौतम ने सीबीआई से शिकायत की थी। बताया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर भगवान सिंह पाल उससे 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। साथ ही हर माह 13 हजार रुपये देने की मांग कर रहे हैं। सिद्धार्थ गौतम टीआरडी लालपुर (कानपुर देहात) में आपरेटर के पद पर तैनात है। अधिकारी कह रहे कि यदि रूपये नही दोगे तो नौकरी से निकाल देंगे। सिद्धार्थ की शिकायत पर सीबीआई की लखनऊ टीम ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। टीम ने सिद्धार्थ को 20 हजार रुपये देकर भगवान सिंह पाल के पास भेजा।

सिद्धार्थ के देते ही भगवान सिंह पाल ने रूपये ले लिये। इतने में टीम ने उसे धर दबोचा। इसके बाद भगवान सिंह पाल की डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर शांतनु यादव और टेक्निशियन प्रकाश कुशवाहा से बात कराई गई। उन्होंने भी रुपये को लेकर बाकी मांग कर दी। इसके बाद चित्रकूट में मौजूद सीबीआई टीम ने उन दोनों को भी पकड़ लिया। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी झांसी मंडल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे में नियम है कि अगर कोई कर्मचारी किसी एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जाता है तो उसको प्रथम दृष्टया निलंबित कर दिया जाता है। आगे की कार्रवाई संबंधित मामले के आधार पर होती है। ,

