UP सरकार के वित्त मंत्री ने पेश किया नौ लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट
व्यापार, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दसवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नौ लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। विधानसभा चुनाव से पहले दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट है। बजट में बुनियादी विकास, निवेश, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं पर पर विशेष बल दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार संभावित हैं और गरीब लड़कियों की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये देगी। यूपी का इस बार का बजट पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सा शिक्षा के लिए 14297 करोड़ का बजट रखा गया है।


वित्त मंत्री ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के कौशल संवर्द्धन की व्यवस्था और कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी। उन व्यक्तियों को जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या निपुणता प्राप्त है, कभी बेरोजगार नहीं रहेंगे। युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को प्राथमिकता के आधार पर मिशन मोड में संचालित करना आवश्यक है। उन्होंने कहाकि पीपीपी मोड में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए अलग केंद्रों की स्थापना की जाएगी। जहां एक ओर अर्थव्यवस्था में पूंजी निवेश और अवस्थापना विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं प्रदेश की युवाशक्ति को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें सक्षम बनाना जरूरी है। प्रदेश में डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना पर कार्य किया जाएगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।रजिस्ट्रेशन, लाइसेसिंग आदि कार्यवाहियों को और अधिक सहज एवं सुगम बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जायेगी। एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में प्रदेश की रैंकिंग 18 वें स्थान पर आ गयी है। सरकार की ओर से फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया और अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं। इससे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की सम्भावना है। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से रेवेन्यु सरप्लस राज्य बनाने में सफल हुए हैं। आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट पेश हुआ। यह देश की सबसे बड़ी आबादी का बजट है। किसान, युवा, महिला का बजट है।

