सोनभद्र सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिरी बाइक, घंटों तड़पते रहे घायल, एंबुलेंस की देरी से युवक की मौत, दूसरा गंभीर
चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा-नवटलिया के बीच हुआ दर्दनाक हादसा
सोनभद्र (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था और सड़क निर्माण की लापरवाही को उजागर करने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां सोमवार रात तेलगुड़वा और नवटलिया के बीच एक अनियंत्रित बाइक नवनिर्मित सड़क के किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस घंटों देरी से पहुंची, जिसके कारण दोनों घायल सड़क किनारे दर्द से तड़पते रहे। समय पर इलाज न मिलने के कारण आखिरकार एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।


तेलगुड़वा से कोटा लौट रहे थे दोनों युवक
जानकारी के मुताबिक, जोखनागड़ी कोटा निवासी रामसजीवन उर्फ बबलू गोंड (28 वर्ष, पुत्र धर्मू सिंह गोंड) और मनोज उर्फ गुड्डू कुमार (25 वर्ष, पुत्र गुलाब) सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर तेलगुड़वा से अपने गांव कोटा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने एक बड़े गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर ही गिर पड़े।

पुलिस पहुंची, पर एंबुलेंस ने किया लेट; तड़पते रहे घायल
वहां से गुजर रहे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद डायल 112 पुलिस और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को फोन किया गया था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तो मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस सेवा काफी देर बाद घटनास्थल पर आई। इस बीच दोनों घायल युवक तड़पते रहे और उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

बाद में जब एंबुलेंस पहुंची, तब पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल और फिर वहां से ट्रॉमा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
रास्ते में तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
बताया जा रहा है कि वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही 25 वर्षीय मनोज उर्फ गुड्डू कुमार की मौत हो गई। मंगलवार सुबह कोटा ग्राम प्रधान प्रह्लाद चेरो ने इस दुखद घटना की जानकारी फोन के माध्यम से पुलिस को दी। मनोज की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, दूसरे घायल रामसजीवन उर्फ बबलू गोंड का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
सड़क निर्माण और आपातकालीन सेवाओं पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है। लोगों ने नवनिर्मित सड़क के किनारे खुले छोड़े गए खतरनाक गड्ढों को लेकर निर्माण कार्य प्रणाली और समय पर न पहुंचने वाली आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं (108 एंबुलेंस) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते मनोज को मेडिकल सहायता मिल जाती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। चोपन थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
