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सपा सांसद वीरेंद्र सिंह को मणिकर्णिका घाट जाने से रोका गया, लाठीचार्ज की धमकी

मणिकर्णिका घाट प्रकरण : चंदौली सांसद और सपा नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद, घर से बाहर नही जाने दिया

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बड़ा सवाल -एक ओर सरकार बता रही कोई मूर्ति क्षतिग्रस्त नही तो विपक्षी दलों को घाट जाने से क्यों रोक रही सरकार

पहले भी कांग्रेस नेताओं को घाट पर जाने से रोक चुकी है पुलिस

वाराणसी, भदैनी मिरर। काशी के मणिकर्णिका घाट पर कथित रूप से अहित्याबाई होल्कर की मर्ति क्षतिग्रस्त किये जाने के बाद सियासी पारा गरम हो गया है। एक और प्रशासनिक अधिकारी और सरकार के मंत्री और खुद मुख्यमंत्री इसे विरोधियों का दुष्प्रचार बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और वीडियो को एआई जनरेटेड बताया जा रहा है, वहीं विपक्षी यदि मणिकर्णिकाघाट जाकर वस्तुस्थित देखना चाह रहे हैं तो उन्हें फोर्स के साथ रोका भी जा रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अन्य नेताओं को मणिकर्णिका घाट नही जाने दिया गया। अब सपा ने मणिकर्णिका घाट जाने की घोषणा की तो उनके नेताओं को पहले तो नजरबंद कर लिया गया। यदि किसी ने जाने की कोशिश की तो उन्हें घर से बाहर ही नही जाने दिया गया। ऐसे में जनता में अहित्याबाई होल्कर की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने और न करने के मामले में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। 

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रविवार को समाजवादी पार्टी के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह को कैंट पुलिस ने मणिकर्णिका घाट जाने से रोका दिया। अर्दली बाजार स्थित टैगोर टाउन कॉलोनी स्थित आवास पर एसीपी कैंट नितिन तनेजा के नेतृत्व में स्थानीय थाने की फोर्स पहुंची। इस दौरान सांसद वीरेंद्र सिंह मणिकर्णिका घाट जाने की बात पर अड़े और सड़क पर ही बैठ गए हैं। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा अहिल्याबाई की मूर्ति को खंडित करने के मामले में भ्रम फैला रही है। आने वाले दिनों में भाजपा के लोग यह भी कह सकते हैं कि पूरी काशी ही एआई से बनी हुई है। सपा नेता और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि हमारी मांग यह है सपा के लोगों को मौके का निरीक्षण करने दिया जाय। 
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहाकि प्रशासन हमें तथ्यों को जुटाने के लिए आगे बढ़ने नहीं दे रहा है। बताया कि पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को मणिकर्णिका घाट जाने से रोकने के लिए लाठीचार्ज करने की धमकी दी। इस स्थिति के चलते वह अपने आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन पर बैठ गए। सपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

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सरकार विपक्षी दलों की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। सपा के नेताओं ने यह भी कहा कि वे मणिकर्णिका घाट पर जाकर वहां की स्थिति का जायजा लेना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस मामले में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी आवाज उठाई। कहाकि मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने की घटना च‍िंंताजनक है। मौके पर जाकर जांचना जरूरी है। इधर, कोतवाली क्षेत्र के नखास में समाजवादी पार्टी के नेता लालू यादव को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया। रविवार की सुबह पुलिस ने सपा नेता को घर में धकेलने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। करीब 10 मिनट की धक्कामुक्की के बाद सपा नेता को घर में भेज दिया गया। बता दें कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विवाद को लेकर आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपने वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ घाट पर जाने वाले थे। लेकिन प्रशासन उन्हें वहां नही जाने दे रहा है। लालू यादव ने कहाकि वर्तमान सरकार सनातन विरोधी है। आस्था का केंद्र अहिल्याबाई की मूर्ति को तहस-नहस कर दिया गया। इसका विरोध उन्हें झेलना ही पड़ेगा। हमलोग चुप नहीं बैठने वाले हैं।
 

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