जल्लाद को भी मात दे गया रिटायर्ड रेलकर्मी: ब्लैकमेलिंग से तंग होकर प्रेमिका को ऐसी दी मौत कि लोगों के होश उड़ गये
गला घोंटकर मारा, लाश हफ्तेभर से अधिक घर में रखा, लाश जलाई और अब अवशेष ठिकाने लगाने जा रहा था
रास्ते से हुआ गायब और नीले बाक्स से आई दुर्गंध को खुली सनसनीखेज वारदात की परते
महिला की प्रारम्भिक शिनाख्त हुई है, लेकिन पुलिस करायेगी डीएनए जांच
झांसी। तीसरी पत्नी के रूप में साथ रहने वाली महिला की रिटायर्ड रेलकर्मी ने सात जनवारी को हत्या कर दी। उसके शव को एक हफ्ते से ज्यादा समय तक घर में छिपाकर रखा। फिर बाद में बेटे से लकड़ी मंगवा कर शव को जला दिया। जले हुए शव, कोयले के टुकड़े और जली हुई हड्डियों को एक बक्से में रखकर किराये की टैक्सी में रखा। चालक से बोला कि मिनर्वा चौराहे के पास बक्सा ले जाना है और खुद बाइक से पीछे-पीछे चला और रास्ते से गायब हो गया। टैक्सी चालक को बक्से से दुर्गंध महसूस हुई तो उसने रात में डायल 112 पर फोन किया। पुलिस आयी और बक्सा खुला तो सनसनीखेज वारदात के ऐसे पन्ने खुले कि सभी दंग रह गये। फिलहाल कोतवाली थाना क्षेत्र में मिनर्वा चौराहा के पास टैक्सी से बरामद नीला बाक्स पुलिस के लिए पहेली बन गया है।



जानकारी के अनुसार टैक्सी चालक ने शनिवार-रविवार की रात डायल 112 पर फोन किया। बताया कि उसकी टैक्सी में नीला बॉक्स सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित लहर गांव के पास एक व्यक्ति ने रखवाया और कहा कि मिनर्वा चौराहा के पास लेकर चलना है। चालक ने बॉक्स रखा और चल दिया। पीछे-पीछे बाइक पर सवार होकर वह व्यक्ति भी चलने लगा। फिर देखा कि रास्ते से अचानक गायब हो गया। चालक मिनर्वा चौराहे पर पहुंचा। थोड़ा इंतजार किया। काफी देर हुई तो बाक्स के पास पहुंचा तो उसमें से दुर्गंध आ रही थी। अब उसे शक हो गया और पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस ने बॉक्स खोला तो दंग रह गई। उसके अंदर शव के जले हुए के टुकड़े, जली हुई हड्डियां, कोयला ओर पानी भरा था। घटना की सूचना पर सीपरी बाजार पुलिस भी पहुंची। पुलिस की जांच में सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि आईटीआई के पास की प्रीती का रेलवे कॉलोनी में बने आउट हाउस में रहने वाले राम सिंह परिहार के यहां आना जाना था। इस दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। इसके बाद रामसिंह ने प्रीति के लिए लहर गांव में किराए का आवास लिया। जबकि उसकी पहली पत्नी रेलवे के आउटहाउस में और दूसरी सैयर गेट में रहती है। बताया कि प्रीति उससे पैसे मांगती रही और उसे ब्लैकमेल करने लगी। प्रीती की पैसों की मांग लगातार बढ़ती जा रही थी। इससे त्रस्त होकर उसने प्रीती की हत्या की साजिश रची।

रामसिंह ने 7 जनवरी को प्रीति को लहर गांव वाले कमरे पर बुलाया और उसकी हत्या कर दी। थाना प्रभारी के अनुसार वह शव को कमरे में छिपा कर रखे रहा। जब उससे बदबू आने लगी तो रामसिंह ने अपने लड़के से कुछ लकड़ियां और बॉक्स मंगवाया। उसके बेटे ने पिता को इस जघन्य अपराध से बचाने के लिए मदद की। पूछताछ में बेटे ने बताया कि बॉक्स व लकड़ियां उसने लेकर दी और 16-17 जनवरी की रात कमरे में ही प्रीति के शव को पिता ने जला दिया। फिर नीले बक्से में शव के जले हुए टुकड़े, हड्डियों के टुकड़े और जली लकड़ी के टुकड़े, राख पानी भर दिया। 17-18 जनवरी की रात टैक्सी किराए पर ली। उसमें बाक्स रखकर खुद बाइक से चला। मिनर्वा चौराहा के पास वह लापता हुआ, बक्से से दुर्गंध आई और सारा राज खुल गया। रामसिंह की दरिंदगी की कहानी अब लोगों की जुबां पर हैं। थाना प्रभारी में बताया कि शव की शिनाख्त प्रथम दृष्टया हो गई है। लेकिन डीएनए टेस्ट कराया जायेगा। घटना से जुड़े दो लोगो को हिरासत में लिया गया है। जांच जारी है।

