प्रेमिका की तलाश में फर्जी सीओ बनकर मऊ पहुंच गया रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा, लोगों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले
मूलरूप से सिद्धार्थनगर का रहनेवाला है प्रभात पांडेय, वाराणसी में रहता है परिवार
कथित प्रेमिका पर रौब गालिब करने की सोच के साथ 15 साल बाद पहुंचा था मऊ, धौंस जमाकर चेकिंग करना पड़ गया भारी
मऊ। मऊ जिले में धौंस जमाकर चेकिंग कर रहे फर्जी सीओ को लोगों ने पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ा गया प्रभात पांडेय मूलरूप से सिद्धार्थनगर का रहनेवाला है और उसका परिवार वाराणसी में रहता है। उसके पिता सुधाकर पांडेय वाराणसी और प्रयागराज में इंस्पेक्टर रह चुके हैं। पिछले साल रिटायर हो गये। जबकि प्रभात कैंसर से पीड़ित है। 15 साल पहले किसी परीक्षा के दौरान एक युवती से उसकी मुलाकात हुई थी, जिसे वह प्रेमिका बताता है। वह वाराणसी स्थित घर से परिवार को बताकर निकला कि अपने गांव सिद्धार्थनगर जा रहा है। लेकिन कथित प्रेमिका की तलाश में वह मऊ पहुंच गया। बाकायदा पिता की वर्दी और उस पर स्टार लगाकर किराये की कार और उस पर एसीपी लिखवाकर लोगों पर धौंस जमाना उसे भारी पड़ गया। उसका हुलिया देखकर लोगों को शक हुआ तो उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। घरवालों ने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान है। पुलिस मामले की जांच की जा रही है।



जानकारी के अनुसार सिद्धार्थनगर के टहुआबार निवासी प्रभात पांडेय पुलिस की वर्दी पहनकर एसीपी लिखी कार में सवार होकर मऊ में शुक्रवार को दोपहर से घूम रहा था। शाम चार बजे नगर के मुंशीपुरा स्थित पशु अस्पताल परिसर में धौंस जमाकर युवक का बैग चेक करने लगा। इतने में वहां लोग इकट्ठा हो गए और हुलिया देखकर संदेह जताते हुए उसे पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे कोतवाली लेकर चली गई और वर्दी उतरवा दी। पूछताछ में पता चला कि वह परिवार के साथ वाराणसी में रहता है। पिता की वर्दी लेकर उसपर सीओ का स्टार लगाया था। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि वह मानसिक रूप से परेशान है। वर्ष 2022 से कैंसर से पीड़ित है। शुक्रवार को कार लेकर गांव सिद्धार्थनगर जाने की बात कहकर निकला था। यह भी पता चला कि पहले भी दो बार इस तरह की हरकत करते हुए पकड़ा जा चुका है। लेकिन बीमारी और मानसिक स्थित को देखते हुए पुलिस ने प्रभात के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। कार चालक ने बताया कि वो आज पहली बार प्रभात के साथ कार लेकर निकला था, उसे नहीं पता था कि यह पुलिस अधिकारी नहीं है।

पूछताछ में पता चला कि मऊ जनपद में किसी परीक्षा के दौरान उसकी किसी युवती से उसकी मुलाकात हुई थी, जिसे वह अपनी प्रेमिका बताता है। लगभग 15 वर्षों बाद वह वाराणसी से अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर की जगह मऊ जा पहुंचा। 34 वर्षीय प्रभात को लगा कि लंबे समय बाद जब वह अपनी प्रेमिका से इस हाल में मिलेगा, तो वह उसके प्रभाव में जरूर आ जाएगी। हालांकि, प्रभात की मुलाकात उस लड़की से तो नहीं हुई, लेकिन प्रभात का फर्जी रौब और रुतबा देखकर लोगों ने पुलिस को जरूर बुला लिया। मौके पर पहुंची मऊ की सदर कोतवाली पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। 34 वर्षीय प्रभात पांडेय की शैक्षणिक योग्यता एमएससी, बीएड है। इधर, प्रभात को माउथ कैंसर से पीड़ित हो गया। प्रभात के पिता सुधाकर पांडेय जो वाराणसी में पुलिस विभाग में ही प्रभारी निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे और प्रयागराज में नौकरी के दौरान सेवानिवृत्त हो गए और उनका शरीर पैरालाइज हो गया। प्रभात की भी मानसिक स्थिति ठीक नही बताई जा रही है।

