आगरा में UGC विरोध में उग्र बवाल: यमुना एक्सप्रेसवे पर भारी प्रदर्शन और पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां; कई किलोमीटर लंबा जाम
यूजीसी मुक्ति मोर्चा का ट्रैक्टर मार्च रोकने पर भड़की हिंसा; बैरिकेडिंग तोड़कर एक्सप्रेसवे पर पहुंचे प्रदर्शनकारी, नाई की सराय पर हुआ पथराव
आगरा / भदैनी मिरर: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़ी विभिन्न मांगों और नीतियों के विरोध में आगरा में रविवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। 'यूजीसी मुक्ति मोर्चा' द्वारा निकाले जा रहे ट्रैक्टर मार्च को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर कब्जा जमाकर हंगामा किया और नाई की सराय इलाके में पथराव कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।

बैरिकेडिंग तोड़ी, यमुना एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम
यूजीसी मुक्ति मोर्चा ने कलेक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से रविवार को विशाल ट्रैक्टर मार्च का आह्वान किया था। खंदौली थाना क्षेत्र के मुड़ी चौराहे पर शनिवार रात से ही कार्यकर्ता जुटने शुरू हो गए थे।
रविवार को जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ना शुरू किया, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिस से उलझ गए और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए जबरन यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए। एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

नाई की सराय पर पथराव, पुलिस का लाठीचार्ज
एक्सप्रेसवे से आगे बढ़ते हुए उग्र प्रदर्शनकारियों की भीड़ 'नाई की सराय' इलाके में पहुंच गई, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी और उपद्रव किया। इस दौरान भीड़ की ओर से पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और उपद्रवियों पर लाठियां भांजकर उन्हें तितर-बितर किया।

50 हजार लोगों का दावा, पुलिस पहले से थी सतर्क
यूजीसी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और संपूर्ण समस्या समाधान संगठन के अध्यक्ष अवनीश कुमार वैस ने इस मार्च में हजारों ट्रैक्टरों और करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से अलर्ट मोड़ पर था। पुलिस प्रशासन की ओर से मार्च से पहले ही मोर्चा से जुड़े करीब 80 प्रमुख पदाधिकारियों को पाबंद करते हुए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
