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प्रयागराज कोर्ट का सख्त आदेश: वाराणसी के दरोगा को गिरफ्तार कर 16 सितंबर को पेश करें, वेतन से कटेगा हर्जाना

हत्या के मुकदमे में तीन बार सम्मन के बावजूद गवाही देने नहीं पहुंचे राजातालाब थाने में तैनात उपनिरीक्षक दयाराम, कोरांव थाना प्रभारी को गिरफ्तारी का निर्देश।

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भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क): प्रयागराज की अपर सत्र अदालत ने हत्या के एक गंभीर मामले में लगातार गैरहाजिर रहने वाले वाराणसी के दरोगा पर कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राजातालाब थाने में तैनात उपनिरीक्षक (SI) दयाराम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर 16 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही दरोगा पर 2,000 रुपये का हर्जाना भी लगाया गया है।

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तीन बार सम्मन के बावजूद नहीं पहुंचे कोर्ट

अपर सत्र न्यायाधीश दिवाकर द्विवेदी की अदालत ने यह सख्त रुख दरोगा दयाराम द्वारा तीन बार सम्मन तामील होने के बावजूद गवाही के लिए उपस्थित न होने पर अपनाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि आदेश के अनुपालन में किसी भी तरह की लापरवाही या विलंब होने पर इसकी सीधी व्यक्तिगत जिम्मेदारी थाना प्रभारी कोरांव की होगी और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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वेतन से कटेगा हर्जाना, CrPC 350 के तहत केस

न्यायालय ने वाराणसी के पुलिस आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उपनिरीक्षक दयाराम पर लगाया गया 2,000 रुपये का हर्जाना उनके वेतन से नियमानुसार काटकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के खाते में जमा कराया जाए। इसके अतिरिक्त, साक्षी के अदालत में उपस्थित न होने पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 350 के तहत प्रकीर्ण वाद भी पंजीकृत करने का आदेश दिया गया है।

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2020 का है हत्या का मामला, आरोपी जेल में बंद

यह पूरा मामला प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 17 जून 2020 को संतोष शंकरी पर अनुज सिंह की फावड़े से हत्या करने का आरोप लगा था। इस केस में आरोपी वर्ष 2020 से ही जेल में बंद है और अब तक नौ गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है। मामले में दरोगा दयाराम एक महत्वपूर्ण साक्षी हैं, लेकिन उनके लगातार अनुपस्थित रहने के कारण केस की सुनवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

अदालत ने कोरांव थाना प्रभारी को आवश्यक पुलिस बल के साथ व्यक्तिगत रूप से वाराणसी जाकर गैर-जमानती वारंट का तामीला कराने और 16 सितंबर को दरोगा को कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। इस आदेश की प्रति पुलिस आयुक्त वाराणसी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।