UP में सभी मेडिकल कॉलेजों में होगा पोस्टमार्टम, योगी सरकार ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
फॉरेंसिक शिक्षा मजबूत करने और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, निजी मेडिकल कॉलेजों को भी मिली सशर्त अनुमति
Mar 27, 2026, 21:17 IST
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और मानकीकृत बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी राजकीय चिकित्सालयों, चिकित्सा संस्थानों, स्वशासी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
फॉरेंसिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में फॉरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।


नए निर्देशों के तहत पोस्टमार्टम केवल आधुनिक शव-विच्छेदन गृहों में ही किया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों की सहभागिता भी अनिवार्य की गई है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
निजी मेडिकल कॉलेजों को सशर्त अनुमति
सरकार ने मानकीकृत सुविधाओं वाले निजी मेडिकल कॉलेजों को भी पोस्टमार्टम की अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।

- निजी मेडिकल कॉलेजों को केवल लावारिस शव ही उपलब्ध कराए जाएंगे
- पोस्टमार्टम शुरू करने से पहले उच्च स्तरीय समिति द्वारा निरीक्षण अनिवार्य होगा
- अंतिम अनुमति शासन स्तर से दी जाएगी
गंभीर मामलों पर सख्त नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गंभीर और जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों को निजी मेडिकल कॉलेजों को नहीं सौंपा जाएगा।
- ऐसे मामलों में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा
- फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति अनिवार्य होगी
- जहां संभव हो, जिला मेडिको-लीगल विशेषज्ञ को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाएगा
रिपोर्टिंग और निगरानी व्यवस्था
पोस्टमार्टम की रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी:
- जिला स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO)
- मेडिकल कॉलेजों में संबंधित फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष
इसके अलावा, सभी संस्थानों में शव-विच्छेदन गृह और उपकरणों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप बनाना अनिवार्य किया गया है।

प्रमुख संस्थानों में पहले से व्यवस्था
प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों—केजीएमयू, आरएमएलआईएमएस, एसजीपीजीआई और यूपीयूएमएस सैफई—में पहले से ही फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग स्थापित हैं, जहां संबंधित विभागों द्वारा पोस्टमार्टम कार्य किया जाता है।
