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Pawan Singh Jyoti Singh Dispute: पवन सिंह फिर नहीं पहुंचे बलिया कोर्ट, लगा हर्जाना

मां की बीमारी का हवाला देकर बलिया परिवार न्यायालय में अनुपस्थित रहे भोजपुरी स्टार; कोर्ट ने दिए 17 अक्टूबर को हाजिर होने के सख्त निर्देश, 10 करोड़ रुपये की भरण-पोषण मांग से चर्चा में है मामला।

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भदैनी मिरर भोजपुरी & लीगल डेस्क: भोजपुरी फिल्मों के पावरस्टार और बिहार विधान परिषद सदस्य (MLC) पवन सिंह अपनी पत्नी ज्योति सिंह द्वारा दायर अंतरिम भरण-पोषण (Maintenance) मामले की सुनवाई के लिए सोमवार को बलिया के परिवार न्यायालय में हाजिर नहीं हुए। पवन सिंह के अधिवक्ता ने उनकी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अदालत में उपस्थिति से छूट का प्रार्थना पत्र दाखिल किया।

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अपर प्रधान न्यायाधीश कमलापति प्रजापति की अदालत ने पिछली तारीखों के सख्त निर्देशों के बावजूद पवन सिंह के उपस्थित न होने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया और अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

लगातार तीसरी बार गैरहाजिर रहे पवन सिंह

ज्योति सिंह के अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि पवन सिंह लगातार तारीखों पर आने से बच रहे हैं:

  • 11 अगस्त: पवन सिंह को पक्ष रखने के लिए हाजिर होना था, लेकिन वे अनुपस्थित रहे।

  • 9 सितंबर: पटना में बाढ़ के कारण रास्ता बाधित होने का तर्क दिया गया, जिस पर कोर्ट ने 1,000 रुपये का हर्जाना लगाया था।

  • 5 अक्टूबर: मां की बीमारी का हवाला देकर फिर से छूट मांगी गई, जिस पर अदालत ने दोबारा हर्जाना ठोका।

"सास को देखने का मन है, पर दुर्व्यवहार का डर" - ज्योति सिंह

अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए ज्योति सिंह ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए अपनी सास की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली है।

ज्योति सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा:

"मेरा मन कर रहा है कि जाकर अपनी सास को देखूं, लेकिन पिछले दिनों मेरे साथ हुए दुर्व्यवहार के कारण मैं खुद नहीं जा सकती। मैंने हाल-चाल लेने के लिए अपने भाई को भेजा है और ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रही हूं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पवन सिंह अपने रसूख और ताकत का फायदा उठाकर कानूनी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं।

2018 में हुई थी शादी, 10 करोड़ की भरण-पोषण मांग से गर्माया मामला

पवन सिंह और ज्योति सिंह का विवाह 6 मार्च 2018 को हुआ था। रिश्तों में कड़वाहट आने के बाद ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में अंतरिम भरण-पोषण की याचिका दाखिल की थी।

इससे पहले आरा परिवार न्यायालय की कार्यवाही के दौरान ज्योति सिंह ने शुरुआत में पति के साथ रहने की इच्छा जताई थी। हालांकि, पवन सिंह की ओर से साथ न रहने का रुख सामने आने के बाद ज्योति सिंह के पक्ष की ओर से 10 करोड़ रुपये भरण-पोषण और एक मकान की मांग रखी गई थी। कोर्ट द्वारा कराई गई काउंसिलिंग (समझौते के प्रयास) के बेनतीजा रहने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।