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अब योगी आदित्यनाथ के समर्थन में आये छावनी पीठाधीश्वर, बाले-अविमुक्तेश्वरानंद को आयोध्या में घुसने नही देंगे

पिछले दिनों बरेली सिटी मजिस्ट्रेट, फिर आयोध्या के डिप्टी कमिश्नर और अब परमहंस आचार्य आये सामने

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणियों से हैं नाराज 

आयोध्या। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मामला थमने का नाम ही नही ले रहा है। कभी कोइ अविमुक्तेश्वरानंद के तो कभी कोई योगी आदित्यनाथ के प्रति भक्ति भाव दिखाते हुए नया सिगूफा छोड़ दे रहा है और मीडिया की सुर्खियां बन रहे हैं। पिछले दिनों बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री योगी आदित्यनाथ के शंकराचार्य के खिलाफ बयान से क्षुब्ध होकर इस्तीफा देते हैं तो कभी आयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि प्रशांत के भाई ने उनके खिलाफ चल रही जांच की कलई खोल दी तो उन्होंने भाई को ही मुख्तार गैंग का आदमी बताते हुए इस्तीफा वापस ले लिया।

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अब इस मामले में एक और नई कड़ी जुड़ गई। अयोध्या में तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अविमुक्तेश्वरानंद के लिए चेतावनी जारी की है। उन्होंने शंकराचार्य को अयोध्या में प्रवेश न करने देने की चेतावनी दी है। बता दें कि हाल ही में अयोध्या में जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा की जा रही अभद्र टिप्पणी से आहत होकर इस्तीफा दिया था। इसी कड़ी में जगद्गुरु परमहंस आचार्य भी जुड़ गए हैं। जगद्गुरु परमहंस आचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों से नाराज हैं। परमहंस आचार्य का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को औरंगज़ेब और हुमायूं का बेटा कहना अत्यंत निंदनीय है। यह एक संत को शोभा नहीं देता।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म और उत्तर प्रदेश के हित में लगातार काम कर रहे हैं। इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है। जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्द वापस नहीं लेते और सीएम योगी से क्षमा नहीं मांगते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यह भी आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो माता को लेकर चल रहा आंदोलन राजनीति से प्रेरित है और विपक्ष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के बावजूद बछड़ा और बैल के वध पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका है। परमहंस आचार्य ने केंद्र और राज्य सरकार से गोवंश को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने और पूर्ण रूप से गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। साथ ही ग्रामस्तर पर गौरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की अपील की। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि भगवा पहनकर इस तरह की टिप्पणी करना पूरे संत समाज का अपमान है। जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक सभी सनातनी उनका बहिष्कार करें। खास बात यह कि इस्तीफा देते समय आयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह भी योगी आदित्यनाथ के प्रति भक्ति दिखाते हुए रोने लगे थे। इस बार आचार्य भी कुछ उसी तरह भावुक दिखाई दिये। आंखे नम दिखीं। अब आचार्य के बयान के बाद साफ दिखाई दे रहा है कि संतों में भी पक्ष और विपक्ष दिखने लगा है।

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