Movie prime
Ad

नेताजी का काला कारोबार उजागर : बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और करीबियों के घर से 10 करोड़ की नकदी बरामद

घरों और ठिकानों पर कार्रवाई पूरी, अन्य ठिकानों पर अभी चल रही कार्रवाई 

Ad

 
umashankar singh
WhatsApp Group Join Now

Ad

जनप्रतिनिधि के घर से बरामद नकदी और भाजपा के लोगों द्वारा ही छापे का विरोध चर्चा में

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर से 10 करोड़ कैश बरामद हुआ है। इनकम टैक्स की टीम ने घर पर छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई पूरी कर ली है। ऑफिस और अन्य जगहों पर कार्रवाई अभी जारी है। राजधानी लखनऊ में विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घरों पर बुधवार से जारी आयकर टीम का छापा गुरुवार को पूरी हो गई। अब तक उनके विपुलखंड स्थित घर से 10 करोड़ की नकदी बरामद हुई है। 

Ad
Ad

आपको बता दें कि बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बुधवार को आयकर विभाग ने कार्रवाई की। लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज में 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमें सुबह से देर रात तक जांच कर रही हैं। अब तक बरामद रकम को गिनने का सिलसिला जारी है। तीन टीमों ने लखनऊ के गोमतीनगर में विपुल खंड स्थित उमाशंकर सिंह के आवास, उनकी कंपनी छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड पर करीबी ठेकेदार फैजी के ठिकानों को विधिवत खंगाला। अब सोनभद्र में साईं राम इंटरप्राइजेज कंपनी के नाम से खनन का कारोबार करने वाले उमाशंकर सिंह के करीबी सीबी गुप्ता समेत कई खनन कारोबारियों के ठिकानों को खंगाला जा रहा है। आपको यह भी बता दें कि उमाशंकर सिंह के छापे की कार्रवाई के बाद भाजपा के ही कुछ लोग विरोध करने लगे थे। लेकिन अब उनकी जुबान पर ताले लग गये हैं। टीम को टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। इसकी पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई थी। इसके साथ ही हमारे जनप्रतिनिधियों की अकूत सम्पत्ति और उनके काले कारोबार का भी खुलासा हो रहा है।

Ad

गौरतलब है कि विधायक उमाशंकर सिंह छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क और खनन से जुड़े कार्य करते हैं। बीते वर्ष सीएजी (कैग) ने रिपोर्ट में बताया था कि सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये की राजस्व की क्षति हुई है। सीएजी की रिपोर्ट के बाद ही उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई। बताते हैं कि उमाशंकर सिंह के बलिया स्थित आवास पर छापेमारी करने पहुंचे अधिकारी बराती बनकर पहुंचे थे। टीम ने सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नही किया और बाकायदा बराती बनकर पहुंचे। अपने वाहनों पर महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी नाम के शादी वाले स्टीकर लगाये थे। इसके बाद टीम बड़े आराम से आवास में प्रवेश कर गई। छापे में सोनभद्र और मिर्जापुर से अवैध खनन से जुड़े अहम दस्तावेज टीम के हाथ लगे हैं। बताते हैं कि इन दस्तावेजों में कई अधिकारियों के नाम और लेन-देन का ब्योरा दर्ज है। आपको बता दें कि सोनभद्र के अवैध खनन से जुड़े कई और सफेदपोश व माफिया डॉन भी शामिल रहे हैं। इन लोगों की योगी आदित्यनाथ सरकार में मजबूत पकड़ बताई जाती है। सोशल मीडिया के जरिए इनके काले कारनामों की खबरें आईं भी लेकिन सरकार या इनकम टैक्स विभाग ने उनकी सुधि नही ली। सोनभद्र के अवैध खनन का इतिहास काफी पुराना है। यूपी की हर सरकार में कोई न कोई माफिया यहां  हावी हो जाता है। इस समय अपरोक्ष रूप से भाजपा से जुडे़ और योगी आदित्यनाथ की शरण लेकर जी रहे एक माफिया का नाम भी चर्चा में हैं। इस माफिया के पास अरबों की सम्पत्ति है। करोड़ों के कारोबार उसके लगातार चलते रहते हैं। 

Ad
Ad