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प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत पर गहराया रहस्य: मां का बड़ा दावा- ‘दीक्षा के बाद परिजनों से मिलने पर थी पाबंदी’

मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल; आश्रम पर लगाया जानकारी छिपाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग।

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भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वृंदावन/मथुरा स्थित विख्यात संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी (दीपक लोधी) की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जहां एक ओर पुलिस सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय व सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि दीपक कभी ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता, उसकी मौत के पीछे कोई बड़ी साजिश है।

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मां मायाबाई का छलका दर्द: ‘घरवालों से बात करना पूरी तरह वर्जित था’

दीपक लोधी की मां मायाबाई ने आश्रम और दीक्षा के कड़े नियमों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि गुरु दीक्षा लेने के बाद दीपक का अपने ही परिवार से मिलना-जुलना बंद करा दिया गया था।

मायाबाई के अनुसार, “गुरु दीक्षा के समय हमसे (माता-पिता से) हस्ताक्षर (दस्तखत) करवाए गए थे कि दीक्षा के बाद दीपक सब कुछ त्याग देगा और घर-परिवार से दूर रहेगा। यहां तक कि छोटी बहू जब आश्रम गई, तो उसे भी दूर से ही निकल जाने को कहा गया और बात करने की इजाजत नहीं दी गई।” उन्होंने भरे गले से कहा कि उनका बेटा बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था। वह कभी खुदकुशी जैसा कदम नहीं उठा सकता, उसके साथ जरूर कोई अनहोनी या साजिश हुई है।

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आश्रम और अस्पताल के बीच भटकते रहे परिजन, सिस्टम पर उठाए सवाल

मृतक के परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वे वृंदावन पहुंचे, तो उन्हें तुरंत कोई सटीक जानकारी नहीं दी गई। दीपक के जीजा सोनू पटेल और रिश्तेदार बृजेश कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटों आश्रम परिसर में बिठाकर रखा गया और सही तथ्य बताने के बजाय भटकाया जाता रहा।

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दीपक के परिजन लकी पटेल और बाबा प्रेम लाल पटेल लोधी ने कहा, “दीपक पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार और आध्यात्मिक प्रवृत्ति का युवक था। उसने खुद शादी से इनकार कर छोटे भाई की शादी कराने की बात कही थी। आश्रम में हजारों लोग हैं, वहां का पूरा सिस्टम संदिग्ध लग रहा है। महाराज जी को शायद पूरी जानकारी भी नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और सीबीआई से जांच होनी चाहिए।”

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया सामने?

मथुरा पुलिस के मुताबिक, घटना स्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की शुरुआती पड़ताल में यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मौत का प्राथमिक कारण अत्यधिक खून बहने (हेमोरेजिक शॉक) को बताया गया है। पुलिस को दीपक के कमरे से एक ग्राइंडर (कटिंग टूल) मिला है और उनके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि परिजन की ओर से दी गई शिकायत को संज्ञान में लेकर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही जारी किया जाएगा।