मथुरा : नौहझील क्षेत्र में ईंट भट्ठों पर अवैध रूप से रह रहे 90 बांग्लादेशी गिरफ्तार
इसी मथुरा पुलिस ने पहले अपने यहां बांग्लादेशियों के रहने के आरोप से किया था इनकार, अब थपथपा रही अपनी पीठ
एक भट्ठे से 40 और दूसरे से 50 बांग्लादेशी पकड़े गये, 90 लोगों में 35 पुरुष, 27 महिलाएं और 28 बच्चे
संगठित गिरोह द्वारा कराई जा रही मानव तस्करी
मथुरा, भदैनी मिरर। थाना नौहझील क्षेत्र में मथुरा पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान शनिवार को अवैध रूप से भारत में रह रहे 90 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुए और मथुरा के विभिन्न ईंट भट्टों पर मजदूरी कर रहे थे।


पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि नौहझील इलाके के खाजपुर गांव में स्थित मोदी ईंट उद्योग पर अवैध बांग्लादेशी मजदूर कार्यरत हैं। एलआईयू टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। अपने स्तर से जांच के बाद एलआईयू ने पुलिस को बुलाया। इसके बाद पुलिस टीमों ने छापेमारी की और 40 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। पकड़े गये इन बांग्लादेशियों ने बताया कि बाजना कस्बे के पास ईंट भट्टा पर भी लगभग 50 बांग्लादेशी नागरिक काम कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस और एलआईयू टीम ने वहां भी छापेमारी की और 50 और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह लगभग चार माह पहले मथुरा पहुंचे थे। इससे पहले वह पड़ोसी राज्य में मजदूरी कर रहे थे। यह सभी बिना वैध वीजा व पासपोर्ट के भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करके आए और फिर दलालों व ठेकेदारों के जरिए ईंट भट्टों पर काम करने लगे।


गिरफ्तार किए गए इन 90 लोगों में 35 पुरुष, 27 महिलाएं और 28 बच्चे शामिल हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मथुरा पुलिस ने आईबी, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य जांच एजेंसियों को भी जानकारी दी। एजेंसियों ने पूछताछ शुरू कर दी है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह लोग भारत में कैसे दाखिल हुए। उन्हें कौन लेकर आया और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं। मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार लोगों को थाने लाया गया और उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम सहित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई अकेला मामला नहीं हैं। एक संगठित गिरोह मानव तस्करी और अवैध घुसपैठ करा रहा है। और भी कई प्रदेशों में इनके घुसपैठ की सूचना है। मथुरा में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। ईंट भट्टा संचालकों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच की जा रही है। यदि वह भी इसमें लिप्त मिले को कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसी मथुरा पुलिस ने पहले अपने यहां बांग्लादेशियों के रहने के आरोप से किया था इनकार
आपको बता दें कि मथुरा पुलिस ने बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी तो कर ली और मीडिया में खबर देकर अपनी वाहवाही लूट ली। लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि पिछले 25 अप्रैल को इसी मथुरा पुलिस ने बयान जारी किया था कि मथुरा में कोई भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी अप्रवासी अवैध रूप से नही रह रहा है। उस समय श्रीकृष्ण जन्मभूमि ईदगाह विवाद मामले में दो याचिकाकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बताया था कि मथुरा के स्क्रैप डीलर मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय उन्हें शरण दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। गोवर्धन निवासी दिनेश कौशिक ने आरोप लगाया था कि यह प्रवासी दिन में कूड़ा बीनने का काम करते हैं। रात में चोरी, डकैती और अन्य अपराध करते हैं। उस समय वृंदावन के कई संतों ने इसका समर्थन किया था। दूसरे याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी अवैध ढंग से बांग्लादेशी प्रवासियों को रखने का आरोप लगाया था। तब मथुरा पुलिस ने बयान जारी कर इसका खंडन किया था। अब यह स्क्रैप व्यापारियों के यहां से न सही लेकिन ईंट भट्ठों से पकड़े गये। लोगों का कहना है कि और भी कई बांग्लादेशी थे जिन्हें हटा दिया गया है। वह आसपास के जिलों और प्रदेशों में रह रहे हैं।
