राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 'ऑपरेशन सिंदूर' के हीरो पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने पहले CEO, 3 नए ट्रस्टी नियुक्त
'ऑपरेशन सिंदूर' फेम पूर्व वायुसेना अधिकारी जीतेंद्र मिश्रा संभालेंगे राम मंदिर का प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मा; गोविंद देव गिरि बने नए महासचिव।
भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क), अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दान में मिले चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट ने वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।


इसके साथ ही, ट्रस्ट में बड़े स्तर पर पुनर्गठन करते हुए तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है और शीर्ष पदों में फेरबदल किया गया है।
5,500 से अधिक आवेदकों में से चयन
CEO पद के लिए देश भर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकान्त चतुर्वेदी और पूर्व परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावरे शामिल थे। 600 अंकों के मूल्यांकन फ्रेमवर्क और अगस्त में हुए अंतिम साक्षात्कार के बाद तीन शीर्ष नामों (जीतेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज) की सिफारिश की गई, जिसमें से जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।

कौन हैं पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा?
दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल हुए जीतेंद्र मिश्रा मई 2026 में 38 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए थे।
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ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका: उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड के चीफ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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सैन्य सम्मान: उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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अनुभव: वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और वायुसेना के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
ट्रस्ट में अन्य बड़े फेरबदल
दान चोरी विवाद के सामने आने के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे और अयोध्या राजपरिवार के विमलेंद्र प्रताप मिश्रा के निधन से रिक्त हुए पदों को भी भर दिया गया है:


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नए महासचिव: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को अब नया महासचिव बनाया गया है।
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नए कोषाध्यक्ष: महेश भागचंदका (दिल्ली) को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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3 नए ट्रस्टी: मदन मोहन पांडे (अयोध्या), महेश भागचंदका (दिल्ली) और निर्मला यादव (शिकोहबाद) को नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है।
पारदर्शिता और अनुशासन बहाल करने की चुनौती
हाल ही में दान की रकम में चोरी के मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद ट्रस्ट की वित्तीय प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे। चयन समिति के सदस्य सुरेश हावरे ने बताया कि जीतेंद्र मिश्रा अपनी कार्यशैली में अनुशासन और उच्च प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य राम भक्तों के विश्वास को पुनः सुदृढ़ करना और विश्व प्रसिद्ध इस मंदिर के वित्तीय प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
