Movie prime
PMC_Hospital

लखनऊ बिजली संकट: लेसा अधिकारियों पर गिरी गाज, लापरवाही पर जेई कलीम निलंबित; SDO और तत्कालीन XEN को चार्जशीट

उतरेठिया उपकेंद्र पर जनता के हंगामे के वक्त गायब थे जेई, सीयूजी फोन भी किया था बंद

Ad

 
bijli
WhatsApp Group Join Now

Ad

लखनऊ (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से त्रस्त जनता के गुस्से के बाद बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लेसा (LESA) के उतरेठिया उपकेंद्र के अंतर्गत पिछले एक सप्ताह से जारी गंभीर बिजली संकट, उपभोक्ताओं के भारी आक्रोश और हंगामे के दौरान ड्यूटी से नदारद रहने पर जूनियर इंजीनियर (जेई) मोहम्मद कलीम को सोमवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में उपखंड अधिकारी (SDO) और तत्कालीन अधिशासी अभियंता (XEN) को भी चार्जशीट (आरोप पत्र) थमा दी गई है।

Ad
Ad

उग्र जनता ने उपकेंद्र पर बोल दिया था धावा

मामला शहीद पथ के किनारे स्थित उतरेठिया क्षेत्र का है, जहां पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी के दौरान बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप थी। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप था कि बार-बार शिकायत के बाद भी जूनियर इंजीनियर उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे थे।

इस घोर लापरवाही से नाराज होकर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ ने 19 मई को बिजली उपकेंद्र पर धावा बोल दिया था। गुस्साए लोगों ने वहां धरना-प्रदर्शन किया और दोनों उपकेंद्रों की बिजली पूरी तरह बंद कर दी। इस भारी हंगामे और आपातकालीन स्थिति के दौरान जेई कलीम न सिर्फ अपने कार्यक्षेत्र से गायब मिले, बल्कि उन्होंने अपना सरकारी सीयूजी (CUG) मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया था।

Ad

जांच में खुला ट्रांसफार्मरों का 'बड़ा खेल'

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ब्रह्म पाल ने इस पूरे मामले की गहन जांच की। जांच रिपोर्ट में जूनियर इंजीनियर की कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आईं:

  • स्टोर में नहीं जमा कराए ट्रांसफार्मर: जेई कलीम ने बिजनेस प्लान के तहत बदले गए 09 पुराने ट्रांसफार्मरों को सरकारी स्टोर में जमा कराने के बजाय अवैध रूप से उपकेंद्र परिसर में ही छिपाकर रख लिया था।

  • शॉर्टकट के चक्कर में फुंके अन्य ट्रांसफार्मर: क्षेत्र में जो ट्रांसफार्मर खराब या फुंक चुके थे, उन्हें बदलने के बजाय जेई ने उनका लोड दूसरे चालू ट्रांसफार्मरों पर डाल दिया। इसके चलते चालू ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड होकर जल गए, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा छा गया और विभाग को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।

सत्यनिष्ठा पर उठे सवाल, मुख्यालय से किए गए संबद्ध

निलंबन आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि जूनियर इंजीनियर ने गर्मियों के सीजन को देखते हुए कोई पूर्व तैयारी या मेंटेनेंस (रखरखाव) का कार्य नहीं कराया था। इसके अलावा उन्होंने उच्चाधिकारियों से खराब और फुंके हुए ट्रांसफार्मरों की सही संख्या छिपाई, जो उनकी कार्यशैली और सत्यनिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Ad

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विभागीय कार्यों में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभाग को धोखे में रखकर वित्तीय क्षति पहुंचाने के कारण जेई मोहम्मद कलीम को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड कर निगम मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में सुपरविजन की कमी को लेकर SDO महेंद्र कुमार और तत्कालीन एक्सईएन कृष्णानंद के खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।