Lucknow: माफिया मुख्तार की जमीन पर बने सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर संकट! सिंचाई विभाग ने चस्पा किया 'अवैध' का नोटिस
प्रशासनिक महकमों में रार: LDA की सरदार वल्लभभाई पटेल योजना को सिंचाई विभाग ने बताया अतिक्रमण; गिराने पहुंची टीम से तीखी झड़प, 72 आवंटियों के आशियाने पर मंडराया खतरा।
लखनऊ ब्यूरो, भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीवीआईपी इलाके डालीबाग में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा प्रशासनिक मोड़ सामने आया है। माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से खाली कराई गई बेशकीमती जमीन पर बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर खुद सरकारी तंत्र ने ही 'अवैध' होने का बोर्ड टांग दिया है। सिंचाई विभाग ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा बनाई गई इस बहुमंजिला आवासीय योजना को नदी की जमीन पर 'अवैध अतिक्रमण' बताते हुए ध्वस्त करने का नोटिस चस्पा कर दिया है। बृहस्पतिवार को जब सिंचाई विभाग का दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा, तो वहां स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई।


6 महीने पहले खुद सीएम योगी ने बांटे थे आवंटन पत्र
मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि एलडीए की इस 'सरदार वल्लभभाई पटेल योजना' के तहत निर्मित 72 फ्लैटों का आवंटन करीब छह महीने पहले खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से किया था। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ आवंटियों को प्रमाण पत्र सौंपे थे, बल्कि उन्हें गृह प्रवेश का सामान भी भेंट किया था। हालांकि, कतिपय कारणों से अभी तक आवंटियों को फ्लैटों का भौतिक कब्जा नहीं मिल पाया था और वे गृह प्रवेश का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच सिंचाई विभाग के इस कदम ने सभी को हैरत में डाल दिया है।

सिंचाई विभाग का दावा— 'हमारी जमीन पर हुआ अतिक्रमण'
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट तौर पर दावा है कि एलडीए ने जिस जमीन पर यह आलीशान बहुमंजिला इमारत खड़ी की है, वह वास्तव में सिंचाई विभाग के दायरे में आती है। विभाग ने इसे अवैध निर्माण मानते हुए खाली करने और ध्वस्त करने का नोटिस बिल्डिंग पर चिपका दिया था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि फजीहत से बचने के लिए एलडीए के कुछ कर्मियों ने आनन-फानन में इस नोटिस को छिपाने की कोशिश भी की।

बुलडोजर दस्ता पहुंचने पर हंगामा और झड़प भदैनी मिरर को मिली जानकारी के अनुसार, नोटिस की मियाद के बाद बृहस्पतिवार को जब सिंचाई विभाग की टीम लाव-लश्कर और ध्वस्तीकरण दस्ते के साथ डालीबाग पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। फ्लैट्स के आसपास मौजूद लोगों और आवंटियों के समर्थकों ने कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। इस दौरान सरकारी अमले और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प देखने को मिली। बिगड़ते माहौल को देख फिलहाल टीम को कदम पीछे खींचने पड़े।
72 परिवारों के सपनों पर मंडराया खतरा
यदि इस कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई में सिंचाई विभाग का दावा तकनीकी और कागजी तौर पर सही साबित होता है, तो एलडीए की इस पूरी 72 फ्लैटों की महत्वाकांक्षी योजना पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा जाएगा। ऐसे में उन मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों को बड़ा झटका लगेगा, जिन्हें सूबे के मुखिया के हाथों अपने आशियाने की चाबी मिलने की उम्मीद जगी थी। फिलहाल दोनों विभागों के उच्चाधिकारी इस टकराव को शांत करने और कागजों की जांच में जुट गए हैं।
