Movie prime
Ad

नालायक बेटे ने कर दी शराब कारोबारी पिता की गोली मारकर हत्या, आरी से लाश के टुकड़े किये और नीले ड्रम में भर दिया

लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर एल में सनसनीखेज वारदात को सुन दहल गये लोग

Ad

 
lakhnaw hatya
WhatsApp Group Join Now

Ad

बेटे ने घर से की थी गहनों की चोरी तो पिता ने बनाया था पढ़ाई का दबाव, इसी विवाद में कर दी हत्या

लखनऊ। लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहनेवाले शराब कारोबारी व पैथालॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। यही नही इस कलियुगी औलाद ने आरी से काटकर लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। शव के दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर नीले ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने इस नालायक बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। 

Ad
Ad

जानकारी के अनुसार 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। बेटे अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर अक्षत का 20 फरवरी को पिता से विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। इससे मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जिस समय यह वारदात हुई उस समय अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का लहूलुहान शव कमरे में पड़ा था। अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर बहन को चुप करा दिया था। मृतक मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह रिटायर्ड दरोगा हैं और वह जालौन में रहते हैं। हत्या की सूचना पर सुरेंद्र पाल आशियाना पहुंचे। पुलिस ने शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

Ad

पूछताछ में इस नालायक बेटे ने पुलिस को बताया कि पिता हत्या के बाद शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रखा, फिर शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। उसने सोचा कि शव को कार में लादकर गोमती नदी में फेंक देगा, लेकिन शव का वजन ज्यादा था, तो प्लान बदल दिया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े किये। नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें धड़ को डाल दिया। इस बीच मानवेंद्र सिंह के लापता होने से परेशान पड़ोसियों ने खुद ही छानबीन शुरू कर दी। यह देख अक्षत घबरा गया। उसे लगा कि पड़ोसियों को उस पर शक हो गया है तो सोमवार की दोपहर उसने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन किया। कहा कि अंकल, पापा ने आत्महत्या कर ली है। यह सुनकर सोनू भागकर मानवेंद्र के घर पहुंचे। यही नही जब परिजनों ने बेटे से पूछा तो बताया कि 20 फरवरी को पापा ने सुसाइड कर लिया था। मानवेंद्र के भाई अरविंद उसी मकान में दूसरे तल पर परिवार के साथ रहते हैं। वारदात के वक्त भी वह दूसरे तल मौजूद पर थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक नही लग सकी। हालांकि सुबह वे परिवार के साथ जालौन चले गए थे। पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि चार महीने पहले मानवेंद्र सिंह के घर से कीमती गहने चोरी हुए थे। उस समय उन्होंने अपने घर काम करनेवाली पर संदेह जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पता चला कि जेवर अक्षत ने ही चुराये थे। बेटे की करतूत छिपाने के लिए उन्होंने थाने से शिकायत वापस ले ली थी। उसकी इन आदतों को देखते हुए पिता ने अक्षत पर पढ़ाई का दबाव बना दिया था। वह चाहते थे कि बेटा अधिकारी बने। लेकिन पिता की पढ़ाई के लिए दबाव बनाना उनकी मौत का कारण बन गया। 

Ad

मृतक मानवेंद्र की चार पैथालॉजी और तीन शराब की दुकानें हैं। उनकी की पत्नी का वर्ष 2017 में देहांत हो गया था। अक्षत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। पूछताछ में अक्षत ने बताया कि पिता उस पर नीट निकालने के लिए दबाव बना रहे थे। उसने तैयारी करने से मना कर दिया था। इस पर पिता भड़क गए और उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी थी। राइफल छीनने की कोशिश के दौरान पिता को गोली लग गई। जब पुलिस ने शव के टुकड़े करने की बात पूछी तो वह शांत हो गया। पुलिस ने बताया कि अक्षत ने पिता की हत्या के दूसरे दिन उसने खून से सने बिस्तर, चादर, तकिया को कार में रखा और अमौसी पहुंचा और वहीं उसमे आग लगा दी। 
 

Ad