सम्भल में जिसको मरा समझकर परिजनों ने कर दिया अंतिम संस्कार, बाजार में जिंदा घूमता मिला
20 साल से परिवार से नही था कोई सम्पर्क, बहजोई में घूमता रहता था
24 दिसम्बर को मिली थी सिर कूंची गई लाश, बहन और भाई ने की थी पहचान
सम्भल। जिस व्यक्ति के शव का परिवारवालों ने अंतिम संस्कार और तरहवीं तक कर दिया वह 19 दिन बाद बाजार में घूमता मिल गया। दरअसल 24 दिसम्बर की सुबह को बहजोई के चांदनी चौक मार्केट के निर्माणाधीन दुकान में सिर कुचला हुआ शव मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया तो उत्तराखंड के काशीपुर निवासी अनिल ने अपने भाई सुशील के रूप में पहचान की थी। पुलिस को बताया था कि उसका भाई अविवाहित था और बहजोई में ही रहकर इधर-उधर घूमता रहता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अनिल को परिवार को सदस्य मानकर शव को उसे सौंप दिया और अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अब सुशील के जिंदा मिलने के बाद पुलिस के सामने नई चुनौती आ गई। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि 19 दिन पहले जो शव मिला था, वह किसका था ?



दरअसल सुशील मंगलवार को बहजोई में जिंदा घूमता मिला। लोगों में चर्चा होने लगी कि सुशील तो जिंदा है। इसके बाद पुलिस पहुंची। सुशील को थाने लेकर आई। पुलिस की जांच मंे वह सुशील ही निकला। इसकी पुष्टि सुशील की बहन विमला ने की। विमला बदायूं के इस्लामनगर में रहती हैं। उसने जब भाई को जिंदा देखा तो खुशी से रो पड़ीं। पुलिस ने सुशील को उसकी बहन के हवाले कर दिया है। पुलिस अब उस शव की शिनाख्त कराने में जुटी है। मामला हत्या का है। मौके पर पहुंचे सुशील के भाई अनिल ने बताया कि बहजोई में उन्होंने उसका अंतिम संस्कार किया था और तेरहवीं कर दी थी। बुधवार को सुशील के बड़े भाई अनिल कुमार ने पुलिस के सामने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी आंखें दोबारा से बनी हुई हैं। जिसके चलते वह अपने ही भाई को पहचान नहीं सके। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले सुशील काम की तलाश में उत्तराखंड के काशीपुर चला गया था और तब से उसका उनसे कोई संपर्क नहीं रहा।

इस गलतफहमी के बारे में अनिल ने बताया कि जो शव मिला था उसका सिर कूंचकर हत्या की गई थी। शव का पोस्टमार्टम हुआ तो पहचान करना मुश्किल हो गया था। लेकिन उसकी ज्यादातर पहचान उनके भाई से मिलती थीं। हाथ पर टैटू था। शरीर भी इसी तरह का था। सिर कुचला होने के कारण चेहरा ज्यादा पहचान में नही आ रहा था। इससे मान लिया गया कि शव सुशील का है। आपको बता दें कि 24 दिसम्बर को मिली लाश के बारे में पुलिस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसी दिशा में जांच कर रही थी। यह मानकर की मरनेवाला सुशील था। मगर सुशील के जिंदा मिलने के बाद उसकी पहचान कराकर उसके परिवार और मुल्जिम तब पहुंचने की पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

