यूपी में IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, X पर लिखा इमोशनल पोस्ट—'13 साल का सफर हुआ पूरा'
IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन की नौकरी छोड़कर बनी थीं IAS अधिकारी; मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में 75 साल बाद पानी पहुंचाकर आई थीं चर्चा में।
लखनऊ (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित और तेजतर्रार IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा दे दिया है। राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक विस्तृत और बेहद भावुक पोस्ट लिखकर अपने इस फैसले की जानकारी दी।


मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) रहते हुए जनहित के कामों से अपनी अलग पहचान बनाने वाली दिव्या मित्तल ने लिखा कि वह अपनी इच्छा से इस 13 साल के अविस्मरणीय सफर को विराम दे रही हैं।
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) August 30, 2026
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ… pic.twitter.com/4VRXpK8nu8
लंदन की नौकरी छोड़ देश सेवा के लिए बनीं IAS
दिव्या मित्तल की प्रशासनिक यात्रा किसी प्रेरणा से कम नहीं रही है। उन्होंने देश के शीर्ष संस्थानों—IIT दिल्ली से बी.टेक और IIM बंगलुरु से MBA करने के बाद लंदन में एक हाई-पेइंग नौकरी ज्वाइन की थी। हालांकि, देश की मिट्टी का कर्ज चुकाने की सोच के साथ वह भारत लौट आईं।

उनके पति गगनदीप सिंह भी पूर्व आईएएस अफसर हैं। दोनों ने साथ में लंदन की नौकरी छोड़ी, यूपीएससी की तैयारी की और सफलता हासिल की।
'असंभव कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है'—मिर्जापुर और देवरिया के दिनों को किया याद
अपने इस्तीफे के पोस्ट में दिव्या मित्तल ने अपनी प्रशासनिक यात्रा की सीख साझा करते हुए लिखा:


"देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मिर्जापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सिखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है।"
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी फाइलों के पीछे छिपे हर व्यक्ति की गरिमा बनाए रखना ही सच्चा न्याय है।
75 साल बाद लहुरियादह में पहुंचाया था पानी, याद आया वो स्पर्श
दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए हलिया ब्लॉक के लहुरियादह गांव में आजादी के 75 साल बाद पहली बार नल से पीने का पानी पहुंचाने के लिए काफी सराही गई थीं।
अपने पोस्ट के अंत में उस घटना को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि पानी पहुंचने पर पहाड़ी की एक वृद्ध मां ने बिना कुछ कहे कांपते हाथों से उनके सिर पर आशीर्वाद दिया था। उन्होंने कहा, "पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा।"
दिव्या मित्तल अपनी बेबाक और पारदर्शी कार्यशैली के साथ सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय रही हैं। हाल ही में उनकी पहली किताब भी प्रकाशित हुई थी। उनके इस अचानक इस्तीफे की खबर ने प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता को भी हैरान कर दिया है।
