Movie prime
PMC_Hospital

आप सांसद संजय सिंह के ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो‘ पदयात्रा के चौथे दिन उमड़ा जन सैलाब

बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय पर संजय सिंह का प्रहार, जगह-जगह स्वागत

Ad

 
sanjay singh
WhatsApp Group Join Now

Ad

रोगार दो या 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो, युवाओं का हक़ लेकर रहेंगे-संजय सिंह

सच बोलने पर एफआईआर, विरोध करने पर मुकदमे, भाजपा राज में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा

वाराणसी, भदैनी मिरर। उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, अन्याय और सामाजिक असमानता के खिलाफ आम आदमी पार्टी की “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के चौथे दिन वाराणसी में जक्खिनी से जनसा चौराहा तक जनसैलाब उमड़ा। जगह-जगह फूलमालाओं, नारों और गर्मजोशी भरे स्वागत ने पदयात्रा को जनआंदोलन का रूप दे दिया। सड़कों पर भीड़, घरों से निकलता समर्थन और युवाओं का जोश भरपूर था। आप के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा चौथे दिन वाराणसी की सीमा में प्रवेश करने के बाद सोमवार सुबह 10 बजे श्री कृष्ण बैंक्वेट एवं मैरिज लॉन, जक्खिनी, जमुनी से शुरू होकर मौर्या लॉन, जंसा चौराहा तक पहुंची। राजातालाब, वीरभानपुर सहित वाराणसी की सीमा में जहां-जहां से भी पदयात्रा गुज़री, वहां लोगों ने “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” के नारों के साथ संजय सिंह का ज़ोरदार स्वागत किया। 

Ad

sanjay singh

पिछले दिनों लगातार हो रही पदयात्राओं और जनसंवाद के दौरान संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार प्रदेश के युवाओं को स्थायी रोज़गार देने में असमर्थ है, तो उन्हें 10,000 रूपये प्रतिमाह बेरोज़गारी भत्ता दिया जाय। कहा कि पढ़ा-लिखा नौजवान आज बेरोज़गारी की सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है, लेकिन सरकार उसकी मेहनत और भविष्य दोनों से खिलवाड़ कर रही है। यह कोई एहसान नहीं, बल्कि युवाओं का अधिकार है, और आम आदमी पार्टी इस अधिकार को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में सच बोलना अब अपराध बना दिया गया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यही है कि मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किए जाने, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने के खिलाफ आवाज़ उठाने और विरोध करने पर मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने कहा कि यह सब उस समय किया गया, जब मैं उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोज़गार और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर वाराणसी की सड़कों पर पदयात्रा कर रहा हूं। संजय सिंह ने साफ कहा कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय, सवाल पूछने वालों पर मुकदमे लाद रही है, लेकिन डराने-धमकाने से यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मंगलवार को काशी प्रांत को छोड़कर पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आम आदमी पार्टी मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किए जाने, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने तथा प्राचीन पौराणिक धरोहरों को नष्ट किए जाने के विरोध में एक प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती घोटाले अब आम बात बन चुके हैं। शिक्षक भर्ती हो, पुलिस भर्ती हो या अन्य प्रतियोगी परीक्षाएँकृहर जगह भ्रष्टाचार ने युवाओं के सपनों को तोड़ा है। मेहनत करने वाला नौजवान हर बार रद्द परीक्षाओं और घोटालों का शिकार हो रहा है, और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

महिलाओं और मज़दूरों की बड़ी भागीदारी पर संजय सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा सिर्फ रोज़गार की नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल बुनियादी सुविधाओं ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है। लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। काशी की धरती से उठी यह आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंजेगी। संजय सिंह ने कहा कि “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 22 जनवरी को सारनाथ में समाप्त होगी। लेकिन यह आंदोलन वहीं खत्म नहीं होगा। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हर नौजवान को रोजगार और हर नागरिक को सामाजिक न्याय नहीं मिल जाता। इस दौरान विधायक सुरेन्द चौधरी, पूर्व विधायक/प्रदेश सहप्रभारी दिलीप पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, सर्वेश मिश्रा, काशी प्रान्त अध्यक्ष पवन तिवारी, वंशराज दूबे, मुकेश सिंह, कैलाश पटेल, विनय पटेल, अंकुश चौधरी, कमांडो अशोक, नीलम यादव, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता,अमर सिंह पटेल, संजीव निगम, प्रशांत यादव, शारदा टंडन, अजीत सिंह, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय, देवकांत वर्मा आदि रहे।